बिजली विभाग की छापामारी से नगर में चोरी से बिजली जलाने वालों में एक तरफ जहां खलबली मची है। वहीं दूसरी तरफ टीम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा होने लगा है। मंगलवार को टीम ने नगर के पंद्रह से अधिक लोगों को चोरी से बिजली जलाते हुए पकड़ा। लेकिन नौ लोगों पर केस दर्ज कराया और अन्य लोगों को छोड़ दिया। इसको लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।बिजली विभाग की टीम एसडीओ प्रभुनाथ प्रसाद के नेतृत्व में कई दिनों से नगर में छापामारी कर बिजली चोरी करने वाले लोगों को पकड़ रही है और केस दर्ज करा रही है। बुधवार को नगर के स्टेशन रोड, टीचर्स कालोनी, पिपरा मोहन समेत अन्य मोहल्लों में जांच की गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान पंद्रह से अधिक लोग बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए। लेकिन टीम ने सिर्फ संततुलसी मार्ग निवासी दिलीप साहनी, स्टेशन रोड के संतोष कुमार, टीचर्स कालोनी के संजय कुमार, सुमन देवी, रामजी तिवारी, सलाहाबाद के मुकेश कुमार, पिपरा मोहन के संजय कुशवाहा, धोबीईपार के नन्हेलाल व बंका यादव पर ही विद्युत चोरी का केस दर्ज कराया। इसके अलावा पकड़े गए अन्य लोगों को छोड़ दिया। हालांकि एसडीओ इस तरह की धांधली से इंकार कर रहे है। इसको लेकर नगरवासियों में आक्रोश है। कभी भी लोगों का गुस्सा बिजली विभाग की टीम पर फूट सकता है। इस बाबत एसडीओ प्रभुनाथ प्रसाद ने बताया कि जो बिजली चोरी करते पकड़ा जा रहा उस पर कार्रवाई हो रही है। छोड़ने की बात गलत है।