देवरिया। एक गांव में विकास के नाम पर सरकारी धन का गोलमाल किया गया है। जांच में पुष्टि होने पर महिला ग्राम प्रधान समेत पांच कर्मचारियों पर सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर हुई है। सलेमपुर ब्लॉक के डोल छपरा गांव में एक जनवरी वर्ष 2016 से एक सितंबर वर्ष 2017 तक गांव में हुए विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। गांव के प्रभाकर द्विवेदी ने इसकी शिकायत डीएम और मुख्यमंत्री से की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ कृष्णकांत पांडेय से जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा। 4 जनवरी को गांव में डीडीओ ने कागज में दर्शाएं गए कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। इसमें अधिकांश कार्य नहीं हुआ था और 18 लाख से अधिक का सरकारी धन का दुरुपयोग होने का मामला सामने आया।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम सुजीत कुमार ने सीडीओ राजेश त्यागी से सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों पर केस दर्ज कराने का आदेश दिया। सीडीओ के निर्देश पर सलेमपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश मौर्या की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान विद्यावती देवी, सचिव नागेश प्रताप सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी, जेई और सहायत विकास अधिकारी पर धोखाधड़ी, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और गबन का केस दर्ज किया। कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। सचिव नागेश प्रताप सिंह कई सालों से सलेमपुर ब्लॉक में तैनात है। इसके खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें अफसरों तक पहुंच चुकी हैं। लेकिन विभागीय साठगांठ होने के चलते कार्रवाई की जद में नहीं आता था। इस बाबत कोतवाल विजय सिंह गौर ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।