चौथी बार के प्रयास में फिर महिलाओं को जबरन सड़क से हटाने का प्रयास करती महिला पुलिस।
- फोटो : नीलांबुज
सलेमपुर। केस वापसी की मांग को लेकर लोगों ने लार में सड़क जाम कर दिया। विसर्जन के लिए निकला जुलूस मूर्ति आयोजकों ने रोक दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाएं सड़क पर लेट गई।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हटाने की कोशिश की, लेकिन लोगों का उग्र तेवर देख पुलिस पीछे हट गई। ढाई घंटे बाद पहुंचे डीएम और एसपी के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और जुलूस विसर्जन के लिए रवाना हुआ। लार नगर में तीन दिन पूर्व नारियल फोड़ जुलूस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। बचाव में लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था।
इसमें पुलिस ने नौ नामजद और और 500 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। इससे नाराज लोगों ने शनिवार को दिन में एक बजे विसर्जन जुलूस लार नगर के चनुकी मोड़ पर रोक दिया।
वहां पहले से मौजूद महिलाएं सड़क पर लेट गईं और पुलिस के खिलाफ लोग नारेबाजी करने लगी। महिला पुलिस ने सड़क पर लेटी महिलाओं को बल प्रयोग कर हटाने का प्रयास किया। इसको लेकर पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प व धक्का-मुक्की हुई। पुलिस की बदसलूकी देख अन्य लोग हूटिंग करने लगे। यह देख पुलिस पीछे हट गई।
एसडीएम और सीओ कई राउंड महिलाओं और भाजपा नेताओं से बात कर मूर्ति विसर्जन जुलूस निकालने का प्रयास किया। लेकिन बेकसूर लोगों पर दर्ज किए गए फर्जी केस वापस करने की मांग पर अड़े रहे।
मामला बढ़ता देख डीएम अनिता श्रीवास्तव और एसपी मोहम्मद इमरान दिन में 3.30 बजे चनुकी मोड़ पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने सड़क पर बैठी महिलाओं से बात की। बेकसूर लोगों पर दर्ज केस वापस लेने और पुलिस की बर्बरता की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद नाराज लोग शांत हुए और जुलूस विसर्जन के लिए आगे बढ़ा। डीएम ने कहा कि जो भी केस दर्ज हुआ है, उसकी जांच कराई जाएगी। निर्दोष लोगों को न्याय मिलेगा।