अस्पताल से घर पहुंचे घायल सिपाही का पुलिस ने तीसरी बार बयान दर्ज किया। पूछताछ के लिए छह दिन से हिरासत में रखे गए युवक की तस्वीर पुलिस ने सिपाही को दिखाई तो वह इस युवक को घटना में शामिल होने से इंकार कर दिया और बाइक लूट की नीयत से गोली मारने की बात कही। घटना के करीब पहुंचने का दावा करने वाली मईल पुलिस अब खाली हाथ हो गई है।लार थाना क्षेत्र के धकपुरा गांव निवासी प्रमोद गोड़ आईटीबीपी में सिपाही पर कार्यरत है। आठ दिन पूर्व बदमाशों ने मईल थाना क्षेत्र के महुआबारी गांव के समीप दिनदहाड़े गोली मारकर इसकी नई बाइक लूट लिया। पुलिस इस मामले में दो अज्ञात बदमाशों पर हत्या के प्रयास और बाइक लूट का केस दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई। सर्विलांस से मिले क्लू के आधार पर पुलिस सिपाही के पत्नी से बात करने वाले एक युवक को छह दिन पूर्व पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। मईल पुलिस हिरासत में लिए गए युवक को घटना में शामिल होने और वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों के करीब पहुंचने का दावा करने लगी। अस्पताल से घर आए घायल सिपाही के घर सोमवार को पहुंची पुलिस ने इसका तीसरी बार बयान दर्ज किया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक की तस्वीर दिखा घटना में शामिल होने की बात कही। तस्वीर देखने के बाद सिपाही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए इस युवक के घटना में शामिल होने से इंकार कर दिया। सिपाही ने मईल एसओ को बताया कि बाइक लूटने के दौरान विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चलाई थी। सिपाही के इस बयान से पुलिस अब खाली हाथ हो गई है और बाइक लूटेरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस बाबत मईल एसओ जेपी सिंह यादव ने बताया कि जिस बिंदु पर जांच किया जा रहा था। उसे सिपाही ने खारिज कर दिया और बाइक लूट होने की बात कही। अब लूटेरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।