स्टीमर का ईंधन (डीजल) बीच धारा में ही खत्म हो गया।
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बरहज,देवरिया। शनिवार को घाघरा नदी के उस पार से लोगों को लेकर बरहज आ रहे स्टीमर का ईंधन (डीजल) बीच धारा में ही खत्म हो गया। बिना नियंत्रण के ही स्टीमर बहते हुए करीब एक किलोमीटर दूर मऊ जिले के जरलहवा तट तक पहुंच गई।
स्टीमर पर सवार करीब 65 लोगों की सांसे अटकी हुई थी। दूसरे स्टीमर से ईंधन मंगाकर स्टीमर चालू किया गया। नदी के कुटी घाट पर लोगों को सुरक्षित लाया तब लोगों के जान में जान आई।
प्रशासन ने बरहज में घाघरा नदी के घाट पर कांट्रैक्ट पर स्टीमर चलाने का ठेका दे रखा है। नदी के उस पार परसिया देवार तट से शनिवार को दिन में करीब दो बजे स्टीमर लोगों को लेकर बरहज के कुटी घाट के लिए रवाना हुआ। स्टीमर पर 65 लोग सवार थे जिनमें 25 पुरूष, 20 महिलाएं, 10 बच्चे थे।
इसके अलावा छह बाइक और आठ साइकिलें भी लादी थीं। बीच घारा में पुहंचने पर स्टीमर में ईंधन खत्म होने से इंजन बंद हो गया। चालक लालधर ने इंजन चालू करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
बिना नियंत्रण के स्टीमर उफनाती नदी में बहने लगी। एक जगह तो भंवर में फंसकर स्टीमर घूमने लगा। इसकी सूचना मोबाइल से कुटी घाट पर दूसरे स्टीमर के कर्मचारी को दी गई। वह डीजल लेकर आया तब स्टीमर अपने गंत्वय तक रवाना हुई।
लोकनिमार्ण विभाग के एक्सईएन आरके चौधरी का कहना है कि स्टीमर की क्षमता 30-35 की ही है। लोग जबदस्ती सवार हो जाते हैं। इसकी शिकायत पुलिस से की गई लेकिन वह सुनती नहीं। स्टीमर का ईंधन खत्म होना ठेकेदार की लापरवाही है। उससे पूछताछ की जाएगी।