देवरिया के भटनी में फर्जी चेक जारी कराके शिक्षक के अकाउंट से रकम निकालने के मामले में तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। इस मामले में अभी चार आरोपी फरार चल रहे है। इसके जेल जाने से अन्य बैंककर्मियों में खलबली मच गई है।
पिपरा दीक्षित गांव निवासी राधेश्याम दीक्षित नगर के सुबाष इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। शिक्षक और उनकी पत्नी का ज्वाइंट अकाउंट पंजाब नेशनल बैंक में था। पिछली 20 मई को बैंककर्मियों की मिलीभगत से इनके नाम पर फर्जी चेक जारी कराके जालसाजों ने 11 लाख रुपये निकाल लिए। इसमें पांच लाख रुपये कैश निकाले गए और छह लाख रुपये भाटपाररानी नगर के केनरा बैंक के एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। पुलिस की जांच में केनरा बैंक का अकाउंट भी फर्जी निकला।
21 सितंबर को बैंक में पासबुक प्रिंट कराने के दौरान शिक्षक को हेराफेरी की जानकारी हुई। पुलिस इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि भाटपाररानी नगर के दुर्गा मंदिर रोड निवासी तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक बीडी पांडेय के हस्ताक्षर से फर्जी चेक जारी हुआ था। पुलिस ने बीडी पांडेय को भटनी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बाबत एसओ राजेन्द्र पांडेय ने बताया कि अभी तक की जांच से निकले निष्कर्षों के आधार पर तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक को जेल भेजा गया है। अभी मामले की विवचेना चल रही है।