लार । अपर पुलिस अधीक्षक एनके सिंह के दुर्व्यवहार से भड़के लोगों ने देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करने से इंकार कर दिया। मूर्ति आयोजक और भाजपा नेताओं ने विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज करा दिया।
इससे बाजार में भगदड़ मच गई। मूर्ति के पास धरने पर बैठी भाजपा की एक महिला नेता समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया लेकिन बाद में छोड़ दिया। तनावपूूर्ण माहौल को देखते हुए लार पुलिस छावनी में तब्दील है। मोहर्रम को देखते हुए लार की देवी प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को होना था। सुबह लोगों ने मूर्ति विसर्जन के लिए साउंड ट्रॉली पर बांध रहे थे। इसी बीच पुलिस ने साउंड पर रोक लगने की बात कहते हुए साउंड बाक्स को कब्जे में ले लिया।
सीओ अजय राय के हस्तक्षेप से लोग मान गए और सिर्फ दो साउंड बजाने की बात पुलिस ने कही। कुछ देर बाद एएसपी, एडीएम प्रशासन व एडीएम वित्त एवं राजस्व पहुंचे। एएसपी ने लाउडस्पीकर, ढोल कुछ भी नहीं बजने देने की बात कही। आयोजकों का आरोप है कि एएसपी ने अपशब्द बोल दिया। उनके बिगड़े बोल से माहौल और तल्ख हो गया। लोगों ने एएसपी के रवैये के खिलाफ गुस्से का इजहार किया और मूर्ति विसर्जन नहीं करने का ऐलान कर दिया।
भाजपा नेता विजयलक्ष्मी गौतम, रामेश्वर सिंह और राजीव वर्मा ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सिनेमा हाल के सामने मूर्ति के पास कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। वहां पहुंचे एएसपी ने लाठीचार्ज करा दिया, इससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने विजयलक्ष्मी गौतम, रामेश्वर सिंह और राजीव वर्मा को हिरासत में ले लिया। एएसपी एनके सिंह ने कहा कि जिले में धारा 144 लगा है। इसके बावजूद भाजपा नेता धरने पर बैठे थे।