रामपुर कारखाना में रविवार को आग की चपेट में आए मथुरा छापर गांव में प्रशासनिक मदद नहीं मिलने से नाराज गांववालों ने कसया रोड पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पर जाम लगा रहा।
सूचना के बाद थानाध्यक्ष ने मामले को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। नाराज लोग पांच सूत्रीय मांग पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एसडीएम के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। रविवार को आग के तांडव में मथुरा छापर गांव तबाह हो गया था। गांव के करीब दो हजार लोग खुले आसमान के नीचे भूखे पेट रात गुजारी।
आग लगने के बाद मौके पर पीड़ितों के लिए कोई प्रशासनिक इंतजाम नहीं किया गया। आश्वासन तक प्रशासनिक पहल सिमट कर रह गई थी। सोमवार की सुबह आग से बेघर हुए लोग लामबंद हुए। उनका कहा था कि गांव में मुर्गी फार्म होने के कारण आग लगी। सभी फार्मो को हटाया जाए। नाराज लोगों ने कोटवा मोड़ के पास सुबह आठ बजे कसया रोड को जाम कर दिया। जिससे देवरिया और कुशीनगर आने जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई। एसओ देवेन्द्र विक्रम सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ बेकाबू थी। जिसके बाद एसडीएम अजय कुमार पहुंचे।
गांववालों की मांग थी कि राहत के सामान उन तक तत्काल पहुंचे, मृतक परिवार को आर्थिक मदद, जले व्यक्तिओं को इलाज कराया जाए, जिस वजह से आग लगी है जांच कराकर केस दर्ज कराया जाए, फायर सर्विस की गाड़ी अतिक्रमण के कारण गांव में नहीं पहुंची। ज्ञापन देने वालों में रजीत यादव, उदयभान प्रसाद, विनोद यादव, पवन शर्मा, रोहित प्रसाद, रामसुमेर, बबलू यादव, नन्हें यादव आदि रहे।