एकौना के बैदा गांव में करंट से दो बहनों की मौत के दूसरे दिन लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया। जेई, एसडीओ को निलंबित करने और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर पचलड़ी डीह चौराहे पर रुद्रपुर-करहकोल मार्ग जाम कर दिया। चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विद्युत विभाग और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम राकेश सिंह और सीओ डॉ. अजय सिंह की ओर से आश्वासन देने के बाद लोग शांत हुए। आंदोलन की सूचना पर सांसद कमलेश पासवान भी मौके पर पहुंचे।
बैदा गांव में शनिवार की रात जगदीश पासवान की बेटी नीलमती और अंकिता की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। बिजली तार जगदीश पासवान के छत पर गिरने से पूरे घर में करंट दौड़ गया था। लोगों ने मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार बताया। घटना के विरोध में रविवार की सुबह गांव के लोगों ने भाजपा नेता छट्ठेलाल निगम, बंधू उपेंद्रनाथ सिंह, जटाशंकर द्विवेदी के नेतृत्व में पचलड़ी डीह चौराहे पर सड़क जाम कर दिया।
समर्थन में भाजपा के अलावा सपा, कांग्रेस और बसपा के नेता भी धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जर्जर तार की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही से दो बहनों की जान गई। पुलिस ने रात में बिना किसी को संज्ञान में लिए दोनों मृतकों का शव लेकर चली गई। जिसको लेकर लोगों में नाराजगी है।
नायब तहसीलदार डॉ. संजीव कुमार दीक्षित और धरना दे रहे लोगों की बात असफल रही। दोपहर एक बजे धरने में सांसद कमलेश पासवान के शामिल होने के बाद एसडीएम, सीओ मौके पर पहुंचे। सांसद की मांग पर एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
धरना देने वालों में भाजपा के प्रदेश मंत्री जयप्रकाश निषाद, चेयरमैन छट्ठेलाल निगम, ब्लॉक प्रमुख जटाशंकर द्विवेदी, बंधू उपेंद्रनाथ सिंह, मोहन उपाध्याय, दिनेश पांडेय, डॉ. रतनपाल सिंह, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह, छोटे सिंह, राजेश त्रिपाठी, उद्धव गुप्ता, राजेंद्र पांडेय, संतोष विक्रम सिंह, अमर सिंह, विश्वजीत सिंह, विशाल द्विवेदी, विनोद तिवारी समेत कई गांव के लोग मौजूद रहे।