बीडीसी सदस्य पद पर चार बार से हार का मुंह देखने वाले राधेश्याम की सदमे से मौत हो गई। वह भलुअनी ब्लॉक के बरडीहा अली गांव से बीडीसी सदस्य पद पर प्रत्याशी थे। परिवार वालों का कहना है कि चुनाव में हारने पर वह तनाव में आ गए और इससे उबर नहीं सके।बरडीहा गांव के 50 वर्षीय राधेश्याम पेशे से किसान थे। वह बरडीहा अली वार्ड नंबर 52 से बीडीसी सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। भलुअनी ब्लॉक के इस वार्ड से वह इससे पहले तीन बार चुनाव लड़ च़ुके थे। लेकिन उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ा था। चौथी बार भी वह चुनाव मैदान में थे। उन्हें लोगों के सहानुभूति की मिलने से जीत की पूरी उम्मीद थी। रविवार को मतगणना में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चौथी बार भी हारने पर वह हताश हो गए और मतगणना के बाद घर लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवारवालों ने उनको समझाया लेकिन कोई असर नहीं हुआ। दो दिनों तक बिस्तर पर पड़े रहे। मंगलवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी हेमंती देवी ने बताया कि चुनाव हारने के बाद वह दुखी हो गए थे। उनको हम सब लोगों ने समझाया। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। डॉक्टर से पूछकर उनको दवा दी गई लेकिन मानसिक तनाव से उबर नहीं पाए। उसके चार संतान में एक की शादी हो गई हैं। बाकी तीन बच्चों के परवरिश की जिम्मेदारी अब पत्नी पर आ गई है।