प्रतापगढ़ में अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या से गुस्साए वकीलाें ने बुधवार को न्यायिक कार्य नहीं किया। जुलूस की शक्ल में अधिवक्ता दीवानी कचहरी से कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
अफसरों के न मिलने पर गुस्साए वकीलों ने कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदेश सरकार के विरोध में नारे भी लगाए गए। बाद में एएसडीएम के समझाने पर वकील माने और जाम खोला। इससे करीब 40 मिनट तक आवागमन बाधित रहा।
नाराज वकीलों ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शिवपूजन सिंह के नेतृत्व में संघ भवन में बैठक कर न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया। इसके बाद वकील हत्यारों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए करीब 11.30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे।
यहां न तो डीएम मिलीं, न ही कोई एसडीएम न दोनों एडीएम। इससे नाराज अधिवक्ता नाराज हो गए और नारेबाजी करते हुए कचहरी चौराहे पर पहुंचकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि प्रदेश में आम आदमी सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन अफसर समाजवादी विकास दिवस मनाने में लगे हैं। वहीं जाम की खबर मिलते ही अफसर सक्रिय हो गए।
करीब आधे घंटे बाद एएसडीएम डॉ. राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में सीएम को संबोधित अपनी मांगों का ज्ञापन एएसडीएम को देकर जाम खत्म किया। इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष सिंहासन गिरी, अनिल सिंह, मनोज मिश्र, सुभाष चंद्र राव, पंकज पाठक, विद्या सागर मिश्र, श्रीराम तिवारी, अजय राय, राजेश शुक्ला, अरविंद साहनी, आरपी कुशवाहा, राधा कृष्ण शुक्ल, अरूण बघेल आदि शामिल रहे।
वहीं सलेमपुर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र के नेतृत्व में तहसील में प्रदर्शन किया।
वकीलों ने एसडीएम सत्येन्द्र कुमार को मांग पत्र देकर कातिलों की गिरफ्तारी के लिए मांग की। इस दौरान रत्नेश श्रीवास्तव, परमानंद यादव, परशुराम मिश्र, उमाशंकर तिवारी, शशिभूषण तिवारी, चन्द्रभूषण तिवारी, लाल बहादुर यादव आदि लोग मौजूद रहे।