देवरिया के सलेमपुर में निलंबन की कार्रवाई से नाराज नशे में धुत एक लेखपाल ने तहसील सभागार में हंगामा किया। इससे किसान और अन्य लेखपाल कुछ देर तक परेशान रहे। वहीं, लेखपालों पर हुई कार्रवाई के बाद किसानों की सूखा राहत सूची बनाने में तेजी आ गई है। तहसील पूरे दिन लेखपाल सूची बनाते नजर आए।
लेखपालों की उदासीनता के कारण सूखा राहत की रकम अभी तक मात्र चालीस फीसदी किसानों के अकाउंट में भेजा गया है। अन्य किसान इसके लिए तहसील का चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों के बार-बार कहने के बाद भी लेखपाल अपने कार्यो में तेजी नहीं ला रहे हैं। इससे नाराज एसडीएम मयाशंकर यादव ने दो लेखपालों को एक दिन पूर्व निलंबित कर दिया जबकि इसके पूर्व दो और लेखपालों पर कार्रवाई हो चुकी है। इस कार्रवाई के बाद लेखपालों के कार्यो में तेजी आ गई।
मंगलवार को तहसील में सभी लेखपालों मौजूद रहे और किसानों की सूखा राहत सूची बनाने में जुटे रहे। वहीं, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी लेखपालों के पास जमा करने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। उधर, तहसील सभागार में बैठक कर सूची तैयार कर रहे लेखपालों के बीच शराब के नशे में एक लेखपाल पहुंचा और निलंबित कार्रवाई से नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा करने लगा। इससे वहां मौजूद किसान और अन्य लेखपाल कुछ देर तक परेशान रहे। सूत्रों की मानें तो इस लेखपाल पर इसके पूर्व भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद इसके अपने आदत से यह बाज नहीं आ रहा है। इस बाबत तहसीलदार राहुल देव भट्ट ने बताया कि सूखा राहत की सूची बनाने में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नहीं बख्शा जाएगा। हंगामा करने वाला लेखपाल नशे में था।