मईल। कोर्ट के आदेश के बाद भी केस दर्ज करने में आनाकानी करना मईल इंस्पेक्टर पर भारी पड़ा। जब कोर्ट ने उन्हें शनिवार को तलब किया तो आनन-फानन में केस दर्ज कर लिया। पीड़ित किशोरी चार महीने से थाने का चक्कर लगा रही थी। मईल थानाक्षेत्र के एक गांव की किशोरी को गांव के कुछ युवक पांच दिसंबर जबरन उठा ले गए। गांव के बाहर ले जाकर उसके साथ मारपीट और छेड़खानी किया। पीड़ित किशोरी ने मईल पुलिस को तहरीर दी। जब पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया तो पीड़ित ने कोर्ट की शरण लिया। दो जनवरी को कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बावजूद केस दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित किशोरी मईल थाने का चक्कर लगाती रही। विवश होकर उसने पुन: कोर्ट में अर्जी दी। एडीजे तेज प्रताप तिवारी ने कोर्ट की अवमानना के आरोप में मईल थाने के इंस्पेक्टर को 30 मार्च को तलब किया। कोर्ट के बाद पुलिस हरकत में आ गई। आनन-फानन में मनोज, बृजेश, राजन और विनय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार रवि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट ने 30 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।