फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाइनमैन झुलसा, उपकेंद्र में तोड़फोड़

विज्ञापन
हंगामे से उपकेंद्र से भागे कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
लार। शटडाउन लेने के बाद भी बिजली सप्लाई कर दिए जाने से स्थानीय कस्बे में फाल्ट ठीक कर रहा प्राइवेट लाइनमैन झुलस गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। उधर, घटना से गुस्साए लोगों ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर हंगामा मचाया, जमकर तोड़फोड़ की। लोग बिजली निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। पुलिस के पहुंचने पर किसी तरह मामला शांत हुआ। एक्सईएन ने संबंधित जेई को हटा दिया है। बता दें कि चार दिन पूर्व भी इस उपकेंद्र पर शटडाउन के बावजूद बिजली चालू होने से एक प्राइवेट लाइनमैन की झुलसकर मौत हो गई थी।
विज्ञापन

अजना गांव निवासी हरेंद्र सिंह (50) विद्युत उपकेंद्र पर प्राइवेट लाइनमैन के तौर पर काम करता है। बुधवार को सुबह करीब 10 बजे वह विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे। धकपुरा गांव निवासी व्यक्ति ने गांव में फाल्ट ठीक करने के लिए उन्हें बुलाया। विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद एसएसओ हरेराम से मोबाइल पर बात कर हरेंद्र ने शटडाउन लिया और फाल्ट ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ गए। तार जोड़ते समय अचानक करंट प्रवाहित होने से झटका खाकर जमीन पर गिर पड़े। गांववाले उसे लार सीएचसी लाए, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी। इस घटना से नाराज लाइनमैन के गांववाले विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे और उपद्रव मचाया। लोगों की नाराजगी देखकर कर्मचारी भाग खड़े हुए। कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। सलेमपुर एक्सईएन बृजभान सिंह ने बताया कि लापरवाह जेई एसके विश्वकर्मा को हटा दिया गया है। खुखुंदू के जेई राजकुमार को लार में तैनात किया गया है। भागलपुर फीडर में आई गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है।

दो वर्ष के अंतराल में जा चुकी हैं चार जानें
विद्युत उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो वर्ष के अंदर पोल पर काम करने के दौरान चार प्राइवेट लाइनमैनों की जान जा चुकी है। लापरवाह कर्मचारियों ने शटडाउन के बाद भी सप्लाई चालू कर दी। जिसमें बालेंद्र यादव जनुआं, सुरेश चौहान पिपरा डीह, आनंद साहनी बलिया दक्षिण व वीरेंद्र यादव नैनी डैनी को अपनी जान गंवानी पड़ा। वहीं बिजली की चपेट में आने से मुरली गोंड का एक हाथ काटना पड़ा था। इसको लेकर कर्मचारियों पर मुकदमा और बवाल भी हुआ था।
विज्ञापन


फीडर में खराबी, शटडाउन के बाद नहीं कटती बिजली
विद्युत उपेंद्र पर लगे उपकरण पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। धकपुरा गांव की बिजली सप्लाई भागलपुर फीडर से होता है। फीडर में खराबी के कारण ट्राली उतारने पर भी बिजली सप्लाई नहीं कट रही है। इसकी वजह से बलिया दक्षिण गांव निवासी आनंद साहनी की जान नौ फरवरी को अंजना गांव में ट्रांसफार्मर का तार जोड़ने के समय चली गई थी। यही हाल आज अंजना गांव में हरेंद्र सिंह करंट की चपेट में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें