भागलपुर/लार रोड। मईल क्षेत्र के भागलपुर गांव के पास बदमाशों ने बलिया के हिस्ट्रीशीटर की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव भागलपुर-पिंडी मार्ग के पास फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने जेब से मिले कागज के आधार पर पहचान कर घर वालों को सूचना दी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताया जा रहा है।
बलिया के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के हारनाटार गांव निवासी उदयनारायण (60) शनिवार की सुबह माल्दह चौराहे जाने के लिए घर से निकला था। अनहोनी की आशंका से सहमे घर वाले उदयनारायण की तलाश में जुटे थे। इस बीच रविवार की सुबह भागलपुर गांव से बाहर पिंडी मार्ग से 500 मीटर अंदर चकरोड के किनारे उदयनारायण का शव पाया गया। उसके गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। दोपहर बाद एसपी एन.कोलांचि ने घटनास्थल का जायजा लिया। उदयनारायण की पत्नी पुष्पा देवी ने तीन लोगों पर पुरानी रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। एसओ शुभनारायण दुबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर उभांव के पुरवां तेतरा गांव निवासी शंभू सिंह, प्रदुम्न सिंह व देवेंद्र पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।
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मोबाइल से खुलेगा हत्या का राज
मईल। उदयनारायण की हत्या की सूचना पर पहुंचे घर वालों का रोकर-रोकर बुरा हाल था। पत्नी पुष्पा देवी गश खाकर गिर पड़ीं। पिता हरिचरन, मां लाची देवी, बहन मनोरमा और पूनम भी बेहाल थे। घर वालों के मुुताबिक उदयनारायण शनिवार की सुबह करीब 10 बजे पास के ही मालदह चौराहे गए थे। दोपहर एक बजे जब उन्हें फोन किया गया तो किसी अनजान व्यक्ति ने बात की और अपशब्द बोलते हुए फोन काट दिया। शाम छह बजे फोन करने पर फिर किसी अन्य ने उठाया और खुद को पुलिस बताते हुए कहा कि यह मोबाइल चोरी का है। इस मामले में दो लोग बंद हैं। जब कहा गया कि घर वाले मौके पर आ रहे हैं तो उसने फोन काट दिया। इस बीच रविवार की सुबह 10 बजे मईल पुलिस ने फोन कर हत्या की सूचना दी।
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सिकंदरपुर थाने में दर्ज हैं 24 मुकदमे
लार रोड। उदयनारायण सिकंदरपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर थाने में 1979 से 2010 तक 24 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या, डकैती, लूट, बलवा, चोरी, एनडीपीएस एक्ट समेत कई संगीन मामले शामिल हैं। सिकंदरपुर एसओ अनिल सिंह ने बताया कि उदयनारायण अपराधी किस्म का था।
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राजनीति से भी रखता था सरोकार
लार रोड। उदयनारायण अपने इलाके का प्रभावी व्यक्ति था। राजनीति में भी उसकी पकड़ थी। वह वर्ष 1983 में सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस-जे से विधानसभा का चुनाव लड़ चुका था। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राणाप्रताप वर्ष 2005 में गांव का प्रधान रहा, जबकि पत्नी पुष्पा देवी ने बीडीसी का चुनाव लड़ा था।