देवरिया। औद्योगिक क्षेत्र पुरवा में बंद पड़ी जिस अटैची फैक्ट्री में गुरुवार को आग ने पांच घंटे तक तांडव मचाया, वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता था। फैक्ट्री में न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र थे और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम। अहम बात यह है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ही करीब एक साल पहले सहायक निदेशक (फैक्ट्री) की टीम ने नोटिस देकर चालान भी किया था, बावजूद लापरवाही बनी रही।
अग्नि सुरक्षा का इंतजाम किसी भी फैक्ट्री में सुरक्षा लिहाज से बेहद जरूरी है। इसके लिए बाकायदा मानक भी तय किए गए हैं। मगर खर्च बचाने की कोशिश में फैक्ट्री संचालक इसकी अनदेखी करने से नहीं चूक रहे हैं। गुरुवार को औद्योगिक क्षेत्र पुरवा स्थित अटैची फैक्ट्री में हुई अग्निकांड की घटना इसी बेपरवाही का नतीजा है। बताते हैं कि 18 नवंबर 2017 को गोरखपुर के सहायक निदेशक फैक्ट्री संदीप सिंह ने श्रम व पुलिस विभाग के अफसरों के साथ डीएम के निर्देश पर इस अटैची फैक्ट्री की जांच की थी। टीम ने तभी जांच में कई खामियां पकड़ी थी। चालान काटते हुए टीम ने फैक्ट्री संचालक को नोटिस दिया था और जुर्माना भी लगाया था। बाद में कोर्ट में वाद भी दाखिल किया गया। बावजूद अग्नि सुरक्षा के मानकों की कोई व्यवस्था नहीं की गई। कुछ फायर एक्सटिंग्यूशर लगाए भी गए तो सिर्फ कोरमपूर्ति के लिए। इसी का नतीजा रहा कि जब आग ने विकराल रूप धारण किया तो हर कोई बेबस नजर आया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को भी पानी भरने के लिए आसपास फायर हाईडेंट नहीं मिल सका, जिससे उन्हें वापस टैंक में पानी भरने के लिए लौटना पड़ा। यह वक्त भी आग को बढ़ाने में सहायक हुआ।
यह होने चाहिए इंतजाम
* फैक्ट्री के अंदर प्रत्येक 30 फीट पर एक बड़ा फायर एक्सटिंग्यूशर जरूरी है।
* फैक्ट्री परिसर में फायर फाइटिंग सिस्टम हो, जिससे धुंआ उठते ही स्मोक डिटेक्टर चालू हो जाए। अलार्म के साथ पानी की बौछारें गिरने लगे।
* फैक्ट्री के बाहर फायर हाईडेंट हो, जिससे आग बुझाने में तत्काल पानी की व्यवस्था हो सके।
* परिसर में गैस सिलेंडर जलाने, खाना बनाने जैसे काम नहीं होने चाहिए।
* वर्करों के लिए सेफ्टी शूज, ग्लब्स, गॉगल्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए।
करीब एक साल पहले मनीष रूंगटा की पुरवा व उसरा बाजार स्थित फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया था। तब यहां आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं मिला था। चालान करते हुए संचालक को नोटिस दी गई थी और जुर्माना भी लगाया था। बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया तो कोर्ट में केस दायर किया गया है।
- संदीप सिंह, सहायक निदेशक फैक्ट्री गोरखपुर।
अटैची फैक्ट्री का निरीक्षण कुछ माह पहले हमने किया था, तब अग्नि सुरक्षा के इंतजाम न होने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कुछ फायर एक्सटिंग्यूशर लगाए गए थे, लेकिन संचालक ने इसका कोई सत्यापन या निरीक्षण विभाग से नहीं कराया। फायर हाइडेंट की व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं होने से आग बुझाने में दिक्कत आई।
- शंकर शरण राय, सीओ, फायर ब्रिगेड।