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वर्ष 2012 में मिली थी कॅरियर एकेडमी को मान्यता

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2012 में मिली थी कॅरियर एकेडमी को मान्यता
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अपने ही रिकॉर्ड से अनजान हैं अफसर, बिना जांच दर्ज करा दिया केस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शिक्षा विभाग के अफसरों को अपने ही विभाग के रिकॉर्डों की जानकारी नहीं है। तभी तो जिस स्कूल को वर्ष 2012 में स्थायी मान्यता मिल चुकी है, उसकी मान्यता नहीं होने की दलील दी जा रही है। बिना जांच किए ही प्रबंधक पर मान्यताविहीन स्कूल चलाने का केस भी दर्ज करा कर बीईओ को भी हटा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
बैतालपुर के कॅरियर एकेडमी में शुक्रवार को गेट गिरने से उसकी चपेट में आने से यूकेजी की छात्रा हर्षिता की मौत हो गई थी। घटना के बाद भड़के लोगों ने जाम लगा दिया। बीईओ और बीएसए ने बारी-बारी पहुंचकर छानबीन की। बीएसए ने बताया था कि कॅरियर एकेडमी का संचालन प्ले स्कूल के रूप में हो रहा था, जिसकी मान्यता विभाग से नहीं होती है। देर रात बीईओ ने विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ आरटीई के नियमों के उल्लंघन के तहत केस भी दर्ज करा दिया। शनिवार को प्रबंधक ने मान्यता संबंधी दस्तावेज पेश किए तो जिम्मेदार सकते में आ गए। रिकॉर्ड के अनुसार कॅरियर एकेडमी को वर्ष 2008 में तत्कालीन बीएसए एएन मौर्य ने कक्षा-एक से पांच तक के लिए अस्थायी मान्यता दी थी। सभी मानकों पर जांच के बाद 29 दिसंबर 2012 को विद्यालय को स्थायी मान्यता प्रदान कर दी गई थी। विद्यालय को यू-डायस कोड भी आवंटित है। शिक्षा विभाग की ओर से जिले में जिन 581 मान्यता विहीन स्कूलों को चिह्नित किया गया है, उसमें भी कॅरियर एकेडमी का नाम नहीं है। अब जब शुक्रवार को हादसा हुआ तो स्कूल की मान्यता नहीं होने का हवाला देते हुए अफसरों ने केस दर्ज करा दिया। इस बाबत बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय का कहना था कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
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प्रबंधक पर केस दर्ज कराने की निंदा
देवरिया। वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक संघ की बैठक बैतालपुर स्थित कैंप कार्यालय पर हुई। इसमें शुक्रवार को हुई घटना पर दुख जताते हुए शोक व्यक्त किया गया। बैठक में संघ के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि घटना दुखद है। ऐसी घटनाएं किसी के साथ और कहीं भी हो सकती है, मगर इसका मतलब यह नहीं कि प्रबंधक हत्यारोपी हो गया। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई की निंदा की। उपाध्यक्ष राधेश्याम मिश्र, जिला मीडिया प्रभारी विनय कुमार मणि ने कहा कि मान्यता हर कोई विद्यालय लेना चाहता है, लेकिन विभागीय धनादोहन के चलते लोग कतरा रहे हैं। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते कई विद्यालयों की मान्यता लेने के लिए फाइल जमा के बाद भी जांच नहीं हो पाती। बैठक में कमलेश्वर धर द्विवेदी, सन्नी जॉन, उमेशधर द्विवेदी, राजेंद्र पटेल, उमेश वर्मा, यतींद्र द्विवेदी, रमेश यादव, उमेश यादव, अरविंद मणि, नंदराम प्रजापति, विनय मिश्र आदि मौजूद रहे।
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