देवरिया। किशोर को अगवाकर पेड़ में बांधकर पिटाई करने के मामले का मुख्य आरोपी विकास यादव पुलिस को चकमा देकर शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वह वेष बदलकर कोर्ट में पहुंचा था। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है।
बजाजी रोड रौनियारी मोहल्ले के रहने वाले शमशाद अहमद को बुधवार की दोपहर तहसील गेट से बाइक सवार दो युवक अपहरण कर सकरापार नहर के पास ले गए। वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों के साथ मिलकर शमशाद को पेड़ में बांध दिया गया। सभी ने मिलकर उसकी पिटाई की और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। एक आरोपी ने पिस्टल भी सटा दिया था। सूचना के बाद परिवार के लोग पहुंचे और घायल शमशाद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शमशाद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अबूबकरनगर के नासिर अंसारी, सकरापार के विकास यादव, रामनाथ देवरिया के आकाश प्रताप सिंह, भीखमपुर रोड के क्रांति और परमानंद पाठक, कसया रोड के गौतम और चार अज्ञात के खिलाफ डकैती समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर सात आरोपियों को उठा लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी विकास यादव पकड़ से दूर रहा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात को विकास शहर के एक बियर शॉप पर दो साथियों संग बाइक से पहुंचा था। पुलिस वहां पहुंची, लेकिन वह भाग निकला। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह चकमा देने में सफल रहा। इधर, शनिवार को उसने वेष बदलकर सीजेएम न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वह गेरुआ रंग का गमछा बांधकर कोर्ट में पहुंचा था।
चार और आरोपियों को भेजा जेल
आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी कोतवाली, बघौचघाट पुलिस और स्वाट टीम ने इस मामले में गिरफ्तार चार अन्य आरोपियों को शनिवार को न्यायालय के लिए चालान कर दिया। वहां से वे जेल भेज दिए गए। पुलिस ने शुक्रवार को नासिर अंसारी और परमानंद पाठक को जेल भेज दिया था। शनिवार को पुलिस ने अंबेडकरनगर के रहने वाले क्रांति, नगमुद्दीन भीखमपुर रोड के रहने वाले सिद्धार्थ, किशन को न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया। सीजेएम न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया। सदर कोतवाल सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि अब तक छह लोगों को जेल भेजा जा चुका है। कुछ और युवकों की भी पहचान हुई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।