देवरिया। विद्याभास्कर हत्याकांड के तीसरे आरोपी ने पुलिस के दबाव में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। इस हत्याकांड के दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
आठ जुलाई की रात तहसील चौक पर फोटो स्टूडियो की दुकान चलाने वाले विद्याभास्कर की दुकान में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ देर बाद ही गोरखपुर ओवरब्रिज के पास अरविंद विश्वकर्मा नाम के युवक को भी गोली मारी गई। दोनों मामलों में मोहम्मद आलम और उसके दो साथियों का नाम आया। परिवारवालों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश में जुट गई। आरोपी फरार हो गए थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने महराजगंज के फरेंदा से मुख्य आरोपी मोहम्मद आलम और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ था। तीसरे आरोपी शमीम ऊर्फ गजनी की तलाश में पुलिस जुटी थी। जब पुलिस को दबाव बढ़ा तो सोमवार को उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। हत्याकांड से जुड़े मामलों की जानकारी के लिए पुलिस उसे रिमांड पर ले सकती है। सदर कोतवाल नीतीश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गजनी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबाव बनाया तो वह कोर्ट में हाजिर हो गया।