व्हाटसएप ग्रुप में एसओ की ओर से की गई टिप्पणी का स्क्रीन शॉट।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सवर्ण-ओबीसी समाज के युवाओं के मंत्री के पोस्टर पर कालिख फेंकने की खबर पर सोशल मीडिया के एक ग्रुप में बरहज एसओ के कमेंट ने हलचल मचा दी। पोस्ट के बाद प्रतिक्रिया हुई तो आननफानन में एसओ ने कमेंट डिलीट किया। पूरे दिन यह मामला चर्चा में रहा।
विभागीय अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में रविवार को सुभाष चौक पर लगे होर्डिंग पर सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय और कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही की तस्वीर पर बाइक सवार कुछ युवकों ने कालिख फेंकी थी।
इसकी खबर मिलते ही एसडीएम रामकेश यादव व कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई, लेकिन कालिख फेंकने वाले युवकों का पता नहीं चल सका। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। मईल पुलिस-मीडिया ग्रुप में जुड़े बरहज के इंस्पेक्टर मिथिलेश राय ने अपने निजी वाट्सएप नंबर से कमेंट किया कि चुनाव में भी कालिख पोती जाएगी। इंस्पेक्टर के सत्ता पक्ष के खिलाफ ऐसे कमेंट देख ग्रुप से जुड़े लोग हतप्रभ रह गए। एसपी पीआरओ कार्यालय से इंस्पेक्टर के पास फोन कर उनसे कमेंट के बारे में जानकारी मांगी गई। इसके बाद इंस्पेक्टर ने अपना कमेंट डिलीट कर दिया। उधर, महकमे के अफसर इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
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कोट्स
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। ऐसी कोई बात मेरे संज्ञान में नहीं आई है। विभाग में इसकी मौखिक चर्चा है। एसपी साहब के स्तर से जांच कराई जा रही होगी। - सुरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी
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वाट्सएप ग्रुप से मैं जुड़ा हूं। अचानक सड़क दुर्घटना की सूचना मिली तो अपना निजी मोबाइल टेबल पर छोड़ चला गया। पीआरओ कार्यालय से फोन आने के बाद इसकी जानकारी हुई तो कमेंट को डिलीट कर दिया। किसी ने मेरे मोबाइल से यह कमेंट लिख दिया था। - मिथिलेश राय, बरहज इंस्पेक्टर