देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को दो लोगों से पूछताछ की। इसमें एक बिहार निवासी दिव्यांग युवक है तो दूसरी महिला शहर की ही रहने वाली है। दो घंटे से अधिक समय तक दोनों से अलग-अलग पूछताछ के बाद वापस भेज दिया गया।
देवरिया बालिका गृह कांड की जांच एसआईटी 40 दिन से कर रही है। इस दौरान तमाम लोगों से पूछताछ हो चुकी है। एक महीना पहले आरोपी गिरिजा त्रिपाठी और मोहन त्रिपाठी को रिमांड पर लिया गया था। उनसे भी तमाम जानकारी ली गई। वहीं, उनके कर्मचारियों को आने-जाने वालों से भी एसआईटी पूछताछ कर चुकी है। स्टेशन रोड पर स्थित बालिका गृह और रजला गांव स्थित वृद्धाश्रम पर एसआईटी जाकर जांच की है। बालिका गृह से एक आलमारी खोलकर कुछ कागजात एसआईटी ने कब्जे में लिया। बुधवार को एसआईटी ने बिहार निवासी एक दिव्यांग युवक को पूछताछ के लिए बुुलाई थी। नीयत समय पर वह पुलिस लाइंस पहुंच गया था। एसआईटी ने एक घंटे से अधिक समय तक उससे पूछताछ की। वहीं, शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला से भी एसआईटी ने पुलिस लाइंस बुलाकर पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो ये दोनों गिरिजा त्रिपाठी की संस्था से संबंधित कुछ जानकारी एसआईटी को दिए हैं। यह जानकारी जांच में कड़ी जोड़ने का कार्य करेगी।
गिरिजा की जमानत पर नहीं हुई सुनवाई
बुधवार को वकीलों की हड़ताल के चलते गिरिजा त्रिपाठी की जमानत पर सुनवाई नहीं हो पाई। हालांकि दोपहर बाद वकीलों ने हड़ताल को वापस ले लिया और बृहस्पतिवार से काम पर लौटेंगे। इसलिए अब गिरिजा त्रिपाठी के जमानत प्रार्थना-पत्र पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। वहीं, गिरिजा के पति मोहन त्रिपाठी की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई की तारीख नीयत है।