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करंट से दो की मौत

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करंट से महिला समेत दो की मौत, युवती गंभीर
छुट्टा पशुओं से बचाव के लिए की थी खेत की तारबंदी, दौड़ रहा था करंट
बरहज के पैना गांव का मामला, झुलसी युवती जिला अस्पताल में भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
पैना। फसल को पशुओं से बचाने के लिए तार से की गई घेेरेबंदी दो किसानों की मौत का सबब बन गया है। घटना बरहज के पैना गांव में रविवार की देर शाम का है। तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से महिला समेत की मौत हो गई। हादसे में एक युवती भी झुलस गई है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पैना गांव के पूरब पट्टी निवासी राधेश्याम सिंह (45) का गांव के दक्षिण तरफ खेत है। गांव के विदेशी राजभर ने भी यहीं मुन्नू सिंह का खेत में बंटाई पर लिया है। छुट्टा पशुओं से बचाव के लिए सभी ने खेत की तारों से घेरेबंदी कर रखी है। इसमें करंट प्रवाहित होता रहता है। बताते हैं कि तार का कुछ हिस्सा टूट गया था। रविवार की शाम पांच बजे राधेश्याम सिंह, विदेशी राजभर की पत्नी मालती (50) और उसकी बेटी चिंता (20) तारों को दुरुस्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तारों में तेज करंट प्रवाहित हो गया। करंट की चपेट में आने से तीनों झुलस गए। चीख सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। घायलों को सीएचसी बरहज ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने मालती देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि राधेश्याम सिंह और चिंता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर राधेश्याम की भी मौत हो गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष वीरबहादुर सिंह ने बताया कि मृतका मालती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। राधेश्याम का शव जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
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फोटो समाचार...
जानवरों के लिए बिछाए तार में फंस खुद गंवाई जान
दो मौतों से गांव में मचा कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
पैना। किसानों ने जिस तार को पशुओं से फसल बचाने के लिए बिछाया था, वह उन्हीं की मौत का कारण बन गया। घटना के बाद हर तरफ यही चर्चा रही। ग्रामीणों के मुताबिक नदी किनारे नील गाय व अन्य छुट्टा पशुओं का आतंक अधिक है। इससे किसानों की फसल खराब हो जाती है। फसल को बचाने के लिए किसान अपने खेतों की तारबंदी करते हैं। राधेश्याम और विदेशी ने भी इसी मकसद से खेत को तारों से घेरा था। उसमें एक फेस करंट प्रवाहित था, जिससे स्पर्श होने से पशु झटका लगते ही दूर चले जाएं। रविवार को दिन में हल्की बारिश हुई थी, जिससे जमीन में नमी थी। तार दुरुस्त कर रहे राधेश्याम व अन्य का घुटने तक का हिस्सा पानी से भीगे पौधों के संपर्क में था। अचानक से आपूर्ति शुरू होने से करंट तेज हो गया, इससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। गांव में दो की मौत हो जाने से कोहराम मच गया है। राधेश्याम सिंह के परिवार में सात वर्ष की एक पुत्री सविता है। पांच साल पूर्व पत्नी कहीं चली गई। तब से राधेश्याम ही बेटी की देखभाल कर रहे थे। वहीं मालती की मौत से पांच मासूम मां की ममता से महरूम हो गए।
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