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पूर्व प्रेमी के दबाव में प्रेमिका ने कराई थी परविंदर की हत्या

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एसपी ने परविन्दर के हत्या का खुलासा किया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। मदनपुर थानाक्षेत्र के करायल शुक्ल गांव निवासी परविंदर की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी। पूर्व प्रेमी के दबाव में प्रेमिका ने ही उसकी हत्या कराई। हत्या में प्रेमिका का भाई भी शामिल रहा है। सोमवार को पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए प्रेमिका और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
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करायल शुक्ल गांव निवासी परविंदर पुत्र मोतीलाल कन्नौजिया 15 मई की देर रात घर से निकला और लौटकर नहीं आया। 17 मई को उसकी लाश सेमराघाट पुल के पास राप्ती नदी में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर में गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी। मृतक के भाई भोलू कन्नौजिया की तहरीर पर मदनपुर पुलिस ने 24 मई को अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गईं। इसके चलते विवेचना क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर को मिली। मोबाइल नंबर के सीडीआर के आधार पर पता चला कि परविंदर का संबंध गांव की ही शीशम से था, जो पूर्व में उसके दोस्त बुल्लू की प्रेमिका रही। वर्ष-2012 में शादी के बाद युवती ने बुल्लू से बात करना छोड़ दिया था और परविंदर से उसका संबंध हो गया था। इस बात की जानकारी जब बुल्लू को हुई तो उसने गांव निवासी दोस्त सोनू ठठेरा, कंहैया यादव और युवती के भाई किशन को इसकी जानकारी दे दी। इसी साल मार्च में शीशम के भाई गोलू की शादी थी। उसका पति भी इसमें शामिल होने आया था। बुल्लू, सोनू और कंहैया ने उसे भी यह जानकारी दे दी। इसके बाद पति शीशम को मारता-पीटता था। वह कोलकाता में परिवार सहित रहता है। शीशम वहीं से मोबाइल से परविंदर से बात करती थी। बुल्लू के दबाव में 14 मई को शीशम ने परविंदर को फोन कर 15 मई को सेमरा पुल पर बुलाया। बुल्लू साथियों संग वहां पहले से मौजूद था। रात साढ़े आठ बजे गांव के एक शख्स की बाइक लेकर परविंदर पहुंचा तो उस पर हमला कर दिया गया। बुल्लू और साथियों ने उसे पुल के नीचे फेंक दिया। 17 मई को शव मिला था। गिरफ्तार भाई-बहन को न्यायालय के लिए चालान कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले के तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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पुलिस ऑफिस पर ग्रामीणों ने किया था हंगामा
एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि पीड़ित परिवार के दबाव में गांव के तीन लोगों को उठाया गया था। उस परिवार के लोग चाहते थे कि पकड़े गए युवक ही जेल भेज दिए जाएं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। गांव के लोगों ने पिछले दिनों कार्यालय पर आकर हंगामा भी किया था। इसके बाद भी उनकी जांच चलती रही। मामले का सही पर्दाफाश किया गया है। उन्होंने सीओ रुद्रपुर दयानंद सिंह गौर और मदनपुर के इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह को शाबाशी दी।
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