कोतवाली में प्राइवेट बैंकिंग कंपनी से रकम वापसी के लिए कोतवाली पहुंचे लोग
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सलेमपुर। नगर में स्थित एक प्राइवेट बैंकिंग कंपनी ने अपना नाम बदल कर जमाकर्ताओं की रकम हड़प ली। वहीं इसी कंपनी की सिंदरपुर शाखा भी बंद हो गई। इससे गरीबों की जमा पूंजी बैंक में फंस गई। कंपनी के एजेंटों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर जमा रकम लौटाने की मांग की है। पुलिस ने शाखा प्रबंधक समेत तीन लोगों को थाने में पूछताछ के लिए बैठाया है।
केवीसीएल इंडिया लिमिटेड नाम से ओवरब्रिज के समीप एक प्राइवेट बैंकिंग कंपनी कुछ वर्षों से चल रही थी। इसकी एक शाखा बलिया जिले के सिकंदरपुर में चलती थी। कंपनी ने सिकंदरपुर शाखा को बंद कर दिया है, जबकि सलेमपुर की शाखा का नाम बदलकर गोल्डन क्रेडिट कर लिया है। नगर स्थित शाखा में 200 लोग काम करते थे। जबकि सिकंदरपुर की शाखा में 400 लोग काम करते थे। नगर की शाखा के एजेंट सत्यप्रकाश शुक्ला का डेढ़ करोड़ रुपया जमा है। इसके अलावा सिकंदरपुर के सलाउद्दीन का तीन लाख, पिपरा नाजिर वार्ड निवासी लव कुमार का दो लाख, तेतरी देवी का एक लाख, विरजापुर झंगटौर निवासी त्रिवेणी का एक लाख रुपये जमा हैं। सलेमपुर में करीब दो करोड़ और सिकंदरपुर में 3.5 करोड़ रकम जमा है। कंपनी द्वारा नाम बदले जाने के बाद जमाकर्ता निकासी के लिए दौड़ रहे हैं। जमा रकम की निकासी के लिए सत्यप्रकाश शुक्ला समेत सैकड़ों लोग रविवार को कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में तहरीर देकर जमा धन वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस शाखा प्रबंधक प्रह्लाद पांडेय और प्रदीप पांडेय समेत तीन लोगों को थाने लाकर पूछताछ कर रही है। इस बाबत कोतवाल विजय सिंह गौर ने कहा कि तहरीर मिली है। शाखा प्रबंधक और कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।