देवरिया। मदनपुर थाना फूंकने और लोक संपत्ति को नष्ट करने के जुर्म में 47 आरोपियों की अपर जिला जज की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपियों में 12 महिलाएं भी शामिल हैं। चार जनवरी को उपद्रवियों ने मदनपुर थाना फूंक दिया था। सरकारी असलहे भी लूट ले गए थे। कई दिनों तक मदनपुर में कर्फ्यू जैसा माहौल रहा।
आरोपियों के घरों पर ताले लटक रहे थे। अब भी कई आरोपी घर नहीं लौटे हैं। पुलिस उनकी तलाश में हवा में हाथ-पैर मार रही है। इस मामले में गिरफ्तार 47 आरोपियों के जमानत पर गुरुवार को अपर जिला जज तेज प्रताप तिवारी के कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपियों की तरफ से दलील दी गई कि गलत तरीके मुकदमे में फंसाया गया है। दलील सुनने के बाद अपर जिला जज ने पाया कि आरोपी गंभीर और विध्वंसक प्रवृत्ति के अपराध में लिप्त हैं।
ऐसे में जमानत याचिका खारिज की जाती है। मदनपुर थाने की तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शोभा सिंह सोलंकी ने इस मामले में केस दर्ज कराया था। अपर जिला जज ने हफीजुल्लाह, इकबाल, सोनू अमीर, हसीर अहमद, शमशेर, मुसीर खां, हफीजुनिशा, नूरजहां, फातिमा खातून, जैमननिशा, सद्दाम, मोहम्मद साहिद, हदीस अंसारी, जुनेद अंसारी, तारा खातून, समीउल्लाह, मैनुल्लाह, वसीम अहमद, महताब आलम, शब्बे निशा, वाहिद अली, कमरूल, नसीर, सलाउद्दीन, हैबुन निशा, समरूनिशा, झुमनीनिशा, रइशमा खातून, नूर निशा आदि आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की गई है।