देवरिया। बीएसए की मिलीभगत से कागजों में हेराफेरी कर करीब 10 लाख रुपये शिक्षक और इसकी मां ने निकाल लिया। भाई ने अपना हिस्सा हड़पने का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने बीएसए, लेखाधिकारी वित्त और बीईओ समेत पांच लोगों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। रामगुलाम टोला निवासी अरविंद वर्मा के पिता वीरबहादुर प्राथमिक विद्यालय पड़री मल्ल में शिक्षक पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2014 में इनकी मौत हो गई। इनके मन्नू वर्मा और पत्नी कमलावती देवी बीएसए, लेखाधिकारी वित्त की मिलीभगत से कागजों में हेराफेरी कर भविष्य निधि और बीमा का करीब 10 लाख रुपये कमलावती के खाते में ट्रांसफर करा दिया। फर्जी दस्तावेज तैयार कर मन्नू वर्मा ने पिता की जगह नौकरी ले ली। अरविंद वर्मा ने अपनी मां पर रकम हड़पने का आरोप मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर लगाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।