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बहन को परीक्षा दिलाने जा रहे युवक की ट्रेन से गिर कर मौत

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बहन को परीक्षा दिलाने जा रहे युवक की ट्रेन से गिर कर मौत
रावतपार अमेठिया के रहने वाला शैलेंद्र का शव डोमिनगढ़ के पास मिला
अमर उजाला ब्यूरो
लार। बहन को कृषक एक्सप्रेस से पुलिस भर्ती की परीक्षा दिलाने जा रहे देवरिया के युवक की ट्रेन से गिर कर मौत हो गई। गोरखपुर के डोमिनगढ़ में सुबह रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। आस-पास के लोगों ने मृतक की जेब से मिले मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी।
लार थाना क्षेत्र के रावतपार अमेठिया गांव निवासी 25 वर्षीय शैलेंद्र यादव बुधवार की रात अपनी बहन पुनीता यादव को यूपी पुलिस की परीक्षा दिलाने फ़ैजाबाद कृषक एक्सप्रेस से जा रहा था। बहन को महिला बोगी में बैठाकर वह जनरल बोगी में सवार हो गया। अत्यधिक भीड़ के चलते वह ट्रेन के दरवाजे पर पायदान पर ही बैठकर यात्रा करने लगा। डोमिनगढ़ से ट्रेन के आगे बढ़ने पर उसे झपकी आ गई, जिससे वह ट्रेन से नीचे आ गया। सिर में गंभीर चोट लने से उसकी मौत हो गई। सुबह रेलवे ट्रैक की तरफ घूमने गए ग्रामीणों ने शव को देखा। जेब से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शैलेंद्र यादव पांच भाई-बहनों में अकेला कमाऊ सदस्य था। कुछ वर्ष पहले पिता की किसी गंभीर बीमारी से मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद मां व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बहन को वर्दी में देखने की इच्छा रह गई अधूरी
गोविंद यादव
लार। गोरखपुर में कृषक एक्सप्रेस से गिरकर जान गंवाने वाला शैलेंद्र यादव चार बहनों का अकेला भाई था। दस वर्ष पूर्व पिता की मौत से परिवार पूरी तरह से टूट चुका था। शैलेंद्र ने अपनी मेहनत की बदौलत घर की खुशियां वापस लाई थी। दिन-रात एक कर सभी बहनों को अच्छी शिक्षा दिलाता था। वह अपनी बहन पुनिता को पुलिस की वर्दी में देखना चाहता था। इसको लेकर वह काफी दिनों से बहन को तैयारी कराने में जुटा था। इसी सपने को लेकर वह बुधवार को बहन के साथ फ़ैजाबाद में पुलिस की परीक्षा दिलाने निकला। कृषक एक्सप्रेस से वह अभी डोमिनगढ़ के आगे पहुंचा था, तभी ट्रेन से गिर गया। उसी ट्रेन की महिला बोगी में सफर कर रही उसकी बहन को घटना की भनक तक नहीं लगी। वह पुलिस परीक्षा देने फ़ैजाबाद अपने सेंटर पर पहुंच गई। साथ में भाई के न होने की जानकारी परिजनों को देकर पुनीता परीक्षा हाल में चली गई। परीक्षा देकर बाहर आई पुनिता को जब घटना की जानकारी हुई तो वह बेहोश हो गई। साथ में गए गांव के अन्य अभ्यर्थियों ने उसे संभाला।
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