बरहज। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कृष्णा जायसवाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर फर्जी पते पर असलहे का लाइसेंस लेने का आरोप है। एसपी के निर्देश पर मदनपुर पुलिस केस दर्ज कर छानबीन में जुट गई है। उधर, पूर्व अध्यक्ष ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।
कृष्णा जायसवाल वर्ष 2002 से 2007 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही। कोरया गांव निवासी अतुल प्रताप सिंह ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि देवरिया शहर निवासी कृष्णा जायसवाल ने मदनपुर थाना क्षेत्र के सरयां गांव के फर्जी पते पर 13 जनवरी 1995 में पिस्टल का लाइसेंस स्वीकृत कराया है। लाइसेंस प्राधिकारी व उनके कार्यालय के सहयोगियों की मिलीभगत से उन्हें लाइसेंस जारी किया गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी होने पर वर्ष 2015 में गलत ढंग से अपने वर्तमान पते पर लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा लिया गया। एसपी ने मामले की जांच कराई। शिकायत की सही होने के बाद मदनपुर थाने को केस दर्ज करने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर रविवार को पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। मदनपुर एसओ भीष्मपाल सिंह ने बताया कि एसपी के निर्देश पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। एसपी रोहन पी कनय का कहना था कि फर्जी पते पर लाइसेंस जारी कराने के मामले में किसी अन्य की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उधर, पूर्व अध्यक्ष कृष्णा जायसवाल का कहना था कि वह कोई आपराधिक व्यक्ति नहीं है। सुरक्षा के लिए नियमानुसार असलहे का लाइसेंस लिया था। सत्ताधारी दल के इशारे पर राजनीतिक द्वेष पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।