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बस की चपेट में आने से चचेरे भाइयों की मौत

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पुरैना के पास सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त बाइक - फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर (देवरिया)। तेज रफ्तार प्राइवेट बस की चपेट में आने से बाइक सवार चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसे के बाद बस पेड़ से टकराने से उसमें सवार दस से अधिक यात्री जख्मी हो गए। कुछ घायलों का इलाज निजी क्लीनिक और दो का सीएचसी पर हुआ। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है। बाइक सवार दोनों छात्र हेलमेट नहीं पहने थे।
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कोतवाली क्षेत्र के महदहां बाग निवासी आल्हा यादव का 20 वर्षीय बेटा रामबाबू नगर के जीएम एकेडमी में इंटर का छात्र था। इसी स्कूल में उसका चचेरा भाई 17 वर्षीय सत्यम पुत्र जनार्दन यादव कक्षा आठ में पढ़ता था। शनिवार सुबह दोनों पुरैना निवासी दोस्त के घर बाइक से नोट्स लाने के लिए गए थे। लौटते समय पुरैना चौराहे के पास सलेमपुर से सवारी लेकर देवरिया जा रही प्राइवेट बस उनकी बाइक को चपेट में लेती हुई पेड़ से जा टकराई। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को निकाला और चालक को पकड़ लिया। बस में सवार कुछ घायलों का निजी क्लीनिक पर इलाज हुआ। वहीं मईल क्षेत्र के करजहां गांव निवासी वशिष्ठ यादव समेत पांच लोगों का इलाज सीएचसी पर हुआ। वशिष्ठ की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्घटना के बाद आधे घंटे तक सलेमपुर-देवरिया मार्ग पर आवागमन ठप रहा। कोतवाल विजय शंकर गौर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। चालक को हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई है। 


सपनों के बीच टूट गई जिंदगी की डोर
देवरिया/सलेमपुर। रामबाबूू और सत्यम को घरवाले बेहतर शिक्षा देकर डॉक्टर और इंजीनियर बनाना चाहते थे। शायद यह भगवान को मंजूर नहीं था और सपनों के बीच जिंदगी की डोर टूट गई। जवान बेटों की मौत की खबर मिली तो पूरा गांव रो पड़ा और कोतवाली पर लोगों की भीड़ जुट गई।
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महदहा बाग गांव निवासी जनार्दन यादव आर्मी में कांस्टेबल हैं। अपने इकलौते बेटे सत्यम यादव को इंजीनियर बनाना चाहता थे। वहीं चचेरे भाई आल्हा यादव घर पर खेती किसानी करते हैं। घरवालों की मदद से रामबाबू को डॉक्टर बनाने के उद्देश्य से पढ़ाते थे। दोनों चचेरे भाई सलेमपुर में जीएम एकेडमी में सीबीएसई बोर्ड से पढ़ते थे। सोमवार को रामबाबू की परीक्षा थी। दोनों भाई सुबह नौ बजे घरवालों से दोस्त के घर जाने की बात कह बाइक से निकले। पुरैना में दोस्त के घर एक घंटे तक बैठे रहे और परीक्षा की तैयारी के लिए नोट्स लेकर निकले। लेकिन दोनों को क्या पता था कि रास्ते में मौत इंतजार कर रही है। बाइक सवार भाइयों को प्राइवेट बस ने रौंद दिया। हादसे के बाद गांववालों की भीड़ जुट गई। कोतवाली पहुंचे दिव्यांग बड़े पिता बेटों के शव को देख बदहवाश हो गए। गांववालों परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे। सत्यम की मां दुर्गावती देवी और रामबाबू की मां इंदू का रोते-रोते बुरा हाल था। रामबाबू अपने मां-बाप का बड़ा बेटा था। छोटा बेटा रंजीत गोरखपुर में पढ़ाई करता है। बड़ी बहन बबली की शादी हो चुकी है। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर दरवाजे पर जुटे लोगों की आंखें भर आईं।
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