जिले में शुक्रवार को आग लगने की घटनाओं में 265 एकड़ फसल जल गई। देवरिया कोतवाली के बरूआडीह गांव में सूचना के करीब दो घंटे बाद दमकल वाहन के पहुंचने पर नाराज लोगों ने टीम को घेर लिया और गाड़ी को कब्जे में ले लिया। सूचना के बाद एसडीएम और सीओ फोर्स के साथ पहुंचे। नाराज लोगों को जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर मामला शांत कराया।
शुक्रवार की दोपहर बरूआडीह गांव कुछ महिला गेंहू की बाल बिन रही थी। किसी महिला ने बीड़ी पीकर खेत में गिरा दिया। कुछ देर बाद चिंगारी फैल गई और पूरे सरेह को आगोश में लिया। गांव के लोग भागकर खेतों की तरफ दौड़े लेकिन आग की ऊंची पलटों के आगे सारे बेबस हो गए। सूचना फायर सर्विस को दी गई।
कई बार प्रयास के बाद कंट्रोल रुम का नंबर नहीं उठा। रवाना हुआ दमकल की गाड़ी रास्ता भटक गई। फायर सर्विस की गाड़ी पहुंचते ही लोगों ने लोगों उसे घेर लिया। सूचना के बाद एसडीएम अजय कुमार सीओ सुशील सिंह, कोतवाल गोपाल त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंचे और नाराज गांव वालों को मनाने का प्रयास किया। जल्द मुआवजे के आश्वासन पर लोग मान गए। आग से आसनरायन सिंह, ननकु सिंह, श्रीपति पाल, श्रीकिसुन, बंदुखीपाल, मनबोध, सोनू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राधिका देवी, दुर्गेश, नरसिंह, विजयी गोंड, चंद्रपति, शहादत अंसारी, इस मोहम्मद, दुर्बल, छोटेलाल, वकील, शिवमंगल गोंड, लालजी,नूरूहसन और छब्बुलाल का करीब 65 एकड़ गेंहू का फसल जल गई।
बरहज के मौना गांव में कंबाइन से निकली चिंगारी सने बड़ौना निवासी किशोर प्रसाद का एक एकड़ फसल जल गई।
सलेमपुर के मईल के तेलिया कलां गांव में शक्रवार दोपहर करीब एक बजे गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। आग की लपट निकलता देख आस-पास के गांवों के लोग खेतों के तरफ दौड़ पड़े और आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। तेज हवा होने की वजह से आग फैलने लगी। आग की लपटें तेलिया कलां से पनिका, मईल, बलहा होते हुए पिपरा पाठक गांव में पहुंच गई। पांचों गांव के करीब 50 किसानों के 200 एकड़ खेत में लगी गेहूं की फसल आग की भेट चढ़ गया।
मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने पिपरा पाठक में आग को बुझाया। इसमें सर्वाधिक फसल पिपरा पाठक गांव के किसानों का जला है। आगलगी की जानकारी होने पर हलका लेखपाल और मईल थाने की पुलिस गांवों में पहुंची। पीड़ित किसानों से संपर्क कर लेखपालों की टीम ने आग से हुई क्षतिपूर्ति का आंकलन रिपोर्ट तैयारी किया। आग की घटनाओं से किसान सहम गए हैं।