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भटनी के एजेंसी मालिक से बदमाश ने मांगी एक लाख रुपये रंगदारी

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व्यापारी हत्याकांड: 2...

बदमाश को ‘आप’ कहकर बुलाते थे एसओ
रंगदारी मांगने का ऑडियो सुनाने के बाद भी पुलिस ने नहीं की सख्ती
मामले को सुलह-समझौते से निपटाने का करते रहे प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गौरीबाजार एसओ भूपेंद्र सिंह के प्रति लोगों का गुस्सा नाहक नहीं है। रंगदारी मांगने के मामले को उन्होंने शुरू से ही हल्के में लिया। केस दर्ज कर चुप्पी साध गए। कार्रवाई की बजाए वह सुलह-समझौते से समाधान कराने में जुटे रहे। योगेश ने उन्हें रंगदारी मांगने का ऑडियो भी सुनाया था। लोगों के मुताबिक एसओ फोन पर बातचीत में बदमाश को ‘आप’ कहकर संबोधित करते थे। इससे उसका हौसला बढ़ता रहा।
इंदूपुर निवासी विवेक सिंह ने नौ मार्च को बेकरी के थोक व्यापारी योगेश सिंह से 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी। साफ शब्दों में इंकार करते हुए योगेश ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। 11 मार्च को केस दर्ज करने के बाद गौरीबाजार पुलिस चुप बैठ गई। लोगों की मानें तो केस दर्ज होने के बाद विवेक आक्रोशित था। उसने योगेश से फोन पर साफ शब्दों में कहा था कि पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाएगी। अगर वह पकड़ा भी गया तो दो-चार माह में जेल से बाहर आ जाएगा। इसके बाद अंजाम बुरा होगा। योगेश ने एसओ भूपेंद्र सिंह को धमकी भरा ऑडियो भी सुनाया, बावजूद उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। आरोपी विवेक को पकड़ने की बजाए वह थाने आकर सुलह करने का अनुरोध करते रहे। बातचीत में वह हमेशा विवेक को आप कहकर ही बुलाते थे। पुलिस की इस बेबसी का ही फायदा उठाते हुए विवेक ने दुकान में चढ़कर योगेश को गोली मारकर मौत की नींद सुला दी।
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गोली की आवाज नहीं पहचान पाए लोग
देवरिया। मठिया चौराहे पर जिस जगह योगेश की दुकान है, उसके आसपास चाय-पान के अलावा कई अन्य दुकानें भी हैं। सामान्य तौर पर यहां हमेशा लोगों की चहलकदमी रहती है। शनिवार को पड़ोस के इंदूपुर चौराहे पर बाजार का दिन होने और गौरीबाजार में साप्ताहिक बंदी के कारण मठिया चौराहे पर कम लोग थे। बदमाशों ने इसी का लाभ उठाया। चौराहे के दुकानदारों के मुताबिक शाम करीब पौने छह बजे विवेक एक साथी के साथ बुलेट पर सवार होकर योगेश की दुकान पर पहुंचा। बुलेट से उतरते ही विवेक दुकान में घुसा और कनपटी पर पिस्तौल तानकर गोली चला दी। एक-एक कर दो गोली चलाई। बाहर उसका साथी बुलेट स्टार्ट कर बैठा था। दुकानदारों के मुताबिक पहले लगा कि बुलेट के साइलेंसर पर लगे रबर की आवाज है, लेकिन जब विवेक को दुकान से उतरकर भागते देखा तो घटना की जानकारी हुई। तत्काल लोग उस ओर दौड़े, तब तक बदमाश फरार हो गए थे।

सीसीटीवी कैमरे पर टिकी है आस
देवरिया। रंगदारी मांगे जाने के बाद योगेश और उनका परिवार भयभीत था। पुलिस से कोई मदद न मिलते देखकर ही योगेश ने ऐहतियात के तौर पर दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगवाया था। दो दिन पहले ही चार कैमरे दुकान के बाहर और अंदर लगाए गए थे। अब पुलिस को विवेक और उसके साथी की पहचान के लिए कैमरे से आस है। हालांकि, घटना के बाद से ही दुकान बंद है।

विवेक ही नहीं, कई और भी वसूलते हैं रंगदारी
देवरिया। व्यापारी की हत्या करने वाले विवेक की उम्र महज 28 से 30 वर्ष है। पिछले कुछ वर्षों से वह दुकानदारों से रंगदारी वसूल रहा था। सूत्रों के मुताबिक इंदूपुर, जंगल सिताबे, लेड़हा, सेखुई में कई अन्य युवक भी दुकानदारों को डरा-धमका रंगदारी ऐंठते हैं। इनमें ज्यादातर नए उम्र वाले ही हैं। अपने शौक पूरा करने के लिए वह दुकानदारों को डरा-धमकाकर रुपये ऐंठते हैं। ज्यादातर दुकानदार विरोध करने की बजाए चुपचाप उनकी डिमांड पूरी करते हैं। यही कारण है कि उनका हौसला बढ़ता चला गया। मठिया माफी चौराहे के दुकानदारों में अपना दबदबा बनाने के लिए उसने यहां के प्रमुख व्यापारी योगेश को निशाने पर रखा। उसे उम्मीद थी कि अन्य दुकानदारों की तरह ही योगेश भी उसकी मांग पूरी कर देंगे, लेकिन योगेश ने प्रतिकार किया तो विवेक आपे से बाहर हो गया। अपनी धौंस बरकरार रखने के लिए उसने योगेश को मौत के घाट उतार दिया।

बदमाशों को था राजनीतिक संरक्षण
देवरिया। पहले धमकी और फिर सरेशाम व्यापारी को मौत के घाट उतारने वाले बदमाश विवेक सिंह को राजनीतिक संरक्षण भी रहा है। एक चर्चित नेता का वरदहस्त होने के चलते ही वह खुलेआम मनमानी करता था। शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई से हिचकती थी। व्यापारी की हत्या के बाद मौके पर जुटा हर कोई दबी जुबां यही चर्चा करता रहा। लोगों की मानें तो राजनीतिक आका उसके हर गलत काम पर पर्दा डालने को तैयार रहते थे। पुलिस भी उनके दबाव में थी। विवेक कई बार नेताजी के साथ देखा गया। इंदूपुर चौराहे पर उसने अपने नाम की बड़ी होर्डिंग भी लगवा रखी है।


फोटो-
हत्या के विरोध में बंद रहा गौरीबाजार, सड़क पर उतरे व्यापारी
एसओ के निलंबन की मांग को लेकर देवरिया-गोरखपुर मार्ग को किया जाम
ब्लॉक कार्यालय के पास भी जाम लगाने की कोशिश, हुई पुलिस से झड़प
तीन घंटे तक शव रोककर किया विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/गौरीबाजार। युवा व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या के विरोध में रविवार को गौरीबाजार समेत आस-पास के कस्बों में ऐतिहासिक बंदी रही। दुकानें बंद कर व्यापारी सड़क पर उतरे। हत्यारों की गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने मुख्य चौराहे के पास गोरखपुर-देवरिया मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने दोपहर साढ़े 12 बजे किसी तरह रास्ता खाली कराया। इससे पहले गौरीबाजार ब्लॉक कार्यालय के पास भी कई बार शव रखकर जाम लगाने की कोशिश हुई, लेकिन अफसर उसे नाकाम करते रहे। कई बार तीखी झड़प भी हुई।
गोरखपुर में पोस्टमार्टम के बाद सुबह करीब सात बजे व्यापारी का शव रुद्रपुर रोड स्थित आवास पर पहुंचा। पहले से ही यहां लोगों की भीड़ जुट गई थी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे। शव देखते ही लोग उग्र हो गए। शव उठाने से इंकार दिया। पूरे मामले में पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए एसओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने ब्लॉक कार्यालय के सामने जाम लगाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि एसओ पर कार्रवाई और बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद ही वह शव जाने देंगे। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि पुलिस-प्रशासन के लोग बैकफुट पर नजर आए। जाम लगाने जा रहे लोगों से कई बार पुलिस की झड़प भी हुई। मौके पर पहुंचे एडीएम उमेश कुमार मंगला, एएसपी शिष्यपाल, एसडीएम दिनेश मिश्र ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद घर वाले शव ले जाने पर राजी हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच लोग व्यापारी का शव लेकर मझना नाला पुल स्थित अंत्येष्टि स्थल पर रवाना हुए तो इसके कुछ देर बाद गौरीबाजार के रामपुर चौराहे पर भी देवरिया-गोरखपुर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस-प्रशासन के वाहन जाम में फंस गए। आनन-फानन पुलिस के अफसरों ने मौके पर पहुंच जाम लगाए लोगों से वार्ता की। घरवालों से हुई बातचीत के बारे में बताते हुए उन्हें कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। करीब आधे घंटे बाद लोगों ने रास्ता खाली किया। इस दौरान देवरिया, गोरखपुर और कुशीनगर जिले के कई थानों की फोर्स, पीएसी व एसएसबी के जवान डटे रहे।

ऐतिहासिक बंदी से चाय-पान को तरसे लोग
देवरिया। युवा व्यापारी की हत्या को लेकर लोगों में इस कदर आक्रोश था कि सुबह से ही गौरीबाजार कस्बे की दुकानें नहीं खुलीं। व्यापार मंडल ने शनिवार की रात बंद का एलान किया था। इसके बाद रविवार को अधिकांश व्यापारियों ने दुकान का ताला ही नहीं खोला। कुछ दुकानें खुलीं भी तो उनके शटर जल्द गिर गए। आलम यह था कि चाय-पान के लिए भी लोग तरसते दिखे। लोगों को जरूरत पर चौराहे तक आना पड़ा। कस्बे में हर तरफ भारी फोर्स तैनात रही। गौरीबाजार के अलावा मठिया चौराहा, इंदूपुर चौराहे की भी दुकानें घटना के विरोध में नहीं खुलीं।

रात में लाठियां भांजकर पुलिस ने हटवाया जाम, व्यापारी नेता घायल
देवरिया। मठिया चौराहे पर सरेशाम व्यापारी की दुस्साहसिक हत्या से आक्रोशित लोग शनिवार की देर रात तक सड़क पर जमे रहे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष तेज प्रताप जायसवाल, व्यापारी नेता शक्ति गुप्ता, भाजपा नेता हरेंद्र जायसवाल, सपा नेता हृदयनारायण जायसवाल, धनोज जायसवाल, योगेश सिंह आदि के नेतृत्व में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने जाम लगाया। इस बीच कई बार सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, सीओ वरुण मिश्र ने उन्हें समझाकर रास्ता चालू कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में रात साढ़े 11 बजे हल्का बल प्रयोग कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। लाठीचार्ज में तेज प्रताप जायसवाल को चोटें आईं। पुलिस उन्हें और हरेंद्र जायसवाल सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई। कुछ देर बैठाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सुबह तेज प्रताप ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया।


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मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, फफक पड़े लोग
मझना नाला पुल के पास हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीबाजार। व्यापारी योगेश जायसवाल का शव सुबह सात बजे पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। शव देखते ही परिजन दहाड़ें मारकर रो पड़े। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। पत्नी और बच्चों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें डबडबा र्गइं। उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे लोग खुद को बेबस पा रहे थे।
कन्हैया जायसवाल के दो पुत्रों में योगेश दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई राजेश और योगेश मिलकर पिता के नाम की बेकरी एजेंसी चलाते थे। योगेश की शादी करीब तेरह वर्ष पूर्व बिहार के सोहगरा में हुई थी। पत्नी प्रीति से तीन बच्चे क्रमश: वासु (10), मानवी (7) व माही (5) वर्ष हैं। घटना के बाद से सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। सुबह घर पर शव आते ही पत्नी उससे लिपट गईं। बच्चे भी पिता को चिर निद्रा में लीन देख बार-बार उन्हें उठाने और बात करने की जिद करते रहे। मां उर्मिला, पिता कन्हैया और बड़े भाई राजेश खुद बेसुध थे। दोपहर साढ़े 12 बजे व्यापारी का शव लेकर लोग गोरखपुर सीमा पर स्थित मझना नाला पुल पर पहुंचे। यहां मासूम बेटे वासु ने पिता के शव को मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें छलक आईं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह, विजय कुमार दुबे, हरेंद्र जायसवाल, गौरीबाजार चेयरमैन निलेश जायसवाल, व्यापारी नेता तेज प्रताप जायसवाल, रवींद्र नाथ, अजय शाही, अखिलेश तिवारी, नित्यानंद पांडेय, बृजेश गुप्ता, कृष्ण मुरारी जायसवाल, वीरेंद्र जायसवाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

गौरीबाजार एसओ निलंबित, एएसपी को मिली जांच
लापरवाही बरतने पर एसपी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। व्यापारी से रंगदारी मांगने का केस दर्ज होने के बाद भी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास न करने और मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी किरीट राठोड ने गौरीबाजार एसओ भूपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच एएसपी को सौंपते हुए शीघ्र रिपोर्ट मांगी है। गौरीबाजार के व्यापारी योगेश जायसवाल से नौ मार्च को 50 रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में 11 मार्च को केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने बदमाशों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे हौसलाबुलंद बदमाश न सिर्फ व्यापारी को धमकाते रहे, बल्कि शनिवार की शाम दुकान पर चढ़कर उसे गोली मार मौत के घाट उतार दिया। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अफसरों के सामने हर किसी ने एसओ की शिथिलता को बयां किया। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने रविवार को एसओ भूपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि पूरे मामले में एएसपी शिष्यपाल सिंह को जांच अधिकारी नामित करते हुए रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।

भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का केस
गौरीबाजार। बेकरी व्यापारी योगेश की हत्या के मामले में रविवार को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। बड़े भाई राजेश की तहरीर पर इंदूपुर निवासी विवेक सिंह पुत्र मुन्ना सिंह व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या, सात सीएलए सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। सादी वर्दी में पुलिस व एसओजी के कर्मी इंदूपुर के आसपास जमे रहे। कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

परिजनों से मिले कैबिनेट मंत्री, बंधाया ढांढस
गौरीबाजार। सूबे के स्टांप पंजीयन मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी रविवार की देर शाम गौरीबाजार पहुंचे। युवा व्यापारी योगेश जायसवाल के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। कैबिनेट मंत्री ने घटना में शामिल बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है। किसी भी हाल में बदमाश बख्शे नहीं जाएंगे। इस दौरान उनके साथ वैश्य समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र जायसवाल, विजय प्रताप उर्फ डब्लू मणि आदि मौजूद रहे।

25 लाख रुपये मदद दे सरकार
देवरिया। जनपद व्यापार मंडल की आपात बैठक रविवार को हुई। इसमें युवा व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या की निंदा करते हुए व्यापारियों को सुरक्षा की मांग की गई। पुलिस के प्रति गुस्से का भी इजहार किया। पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। बैठक में अध्यक्ष श्याम सुंदर भगत, पंकज बरनवाल, प्रेम अग्रवाल, अखिलेश जायसवाल, आशीष बरनवाल, अरुण बरनवाल, कैलाश चौरसिया, अरुण जाखोदिया, मोहसिन लारी, विमल पोद्दार, नवनीत, संतोष आदि मौजूद रहे।

‘भाजपा सरकार में व्यापारी सुरक्षित नहीं’
देवरिया। जिला जायसवाल सेवा समिति की बैठक रविवार को जिला कार्यालय पर हुई। इसमें गौरीबाजार के व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या पर आक्रोश जताते हुए हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई। घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार गौरीबाजार एसओ को बर्खास्त करने की भी मांग उठाई। सत्तापक्ष के इशारे पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष धनोज जायसवाल ने कहा कि भाजपा सरकार में व्यापारी असुरक्षित हैं। आए दिन उन पर हमले और हत्याएं हो रही हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन बेपरवाह हो चुका है। गौरीबाजार की घटना इसी का नतीजा है। बैठक में सुरेंद्र जायसवाल, तेजप्रताप, हरिश्चंद्र जाययवाल, हृदय नारायण जायसवाल, राजकुमार, दिनेश, सत्यप्रकाश, किशन, पन्नालाल आदि मौजूद रहे।
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हत्यारों की गिरफ्तारी में लगी तीन टीमें
देवरिया। गौरीबाजार के मठिया माफी के व्यापारी योगेश के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने गौरीबाजार पुलिस के साथ स्वॉट और सर्विलांस टीम को लगाया है। तीनों ने मिलकर कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चल सका। एक टीम ने गोरखपुर के झगहां इलाके में भी दबिश दी। सूत्रों की मानें तो गोली मारने के बाद मुख्य आरोपी समेत अन्य ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। इससे उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। एसपी किरीट राठोड ने बताया कि बदमाशों का सुराग जुटाया जा रहा है। पूरे जिले की फोर्स को प्राथमिकता से इस काम में लगाया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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