खुखुंदू के परसिया चंदौर के समीप बोलेरो पेड़ से टकराते हुए गढ्ढे में पलटी।
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खुखुंदू/मगहरा। खुखुंदू थानाक्षेत्र के परसिया चंदौर के पास मंगलवार की रात बेकाबू बोलेरो के पलटने से मासूम समेत दो की मौत हो गई। मृतकों में बोलेरो चालक भी शामिल है। बस्ती से बलिया जा रही तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और फिर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में मां-बेटी समेत चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आजमगढ़ के थाना जहानागंज अंतर्गत परसपुर निवासी वीरेंद्र प्रसाद परिवार के साथ बस्ती के राडो चौराहे पर किराए के मकान में रहता है। वीरेंद्र को लेनदेन के एक मामले में मंगलवार को बलिया पुलिस ने थाने पर बैठा लिया था। पत्नी चंदा देवी मंगलवार की रात बस्ती से बोलेरो रिजर्व कर बेटी अनुष्का उर्फ माही (6), पीहू (2) और बहन की लड़की काजल (13) को लेकर बलिया जा रही थी। मुसैला-मईल मार्ग पर परसिया चंदौर के पास बोलेरो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराते हुए गढ्ढे में जा पलटा। टक्कर इतना तेज था कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में चालक बस्ती कोतवाली के आनंदनगर कस्बा गांधीनगर निवासी इश्तियाक अली (36) और अनुष्का उर्फ माही (6) की घटनास्थल पर मौत हो गई। खलासी शाहबान, चंदा देवी, पीहू और काजल घायल हो गई। सभी घायलों का पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक घंटे मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया शव
हादसे के बाद बोलेरो सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई थी। स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल तो किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन चालक इश्तियाक और अनुष्का का शव नहीं निकल पाया। मौके पर पहुंचे एसओ भूपेंद्र सिंह ने जेसीबी मंगवाया और वाहन को सीधा कराकर दोनों शवों को बाहर निकलवाया। अनुष्का का शव देख मां चंदा देवी और मौसेरी बहन काजल रोने लगी। उधर, पुलिस ने घटना की जानकारी तत्काल बलिया पुलिस को देते हुए हादसे से वीरेंद्र को अवगत कराया। वीरेंद्र भी बुधवार की सुबह खुखुंदू पहुंच आया।
पुलिस की ईमानदारी को सलाम
आबादी से कुछ दूरी पर दुर्घटना स्थल होने से घटना के बाद चंदा को एक तरफ बच्ची की मौत का दुख सता रहा था तो दूसरे तरफ रुपये को लेकर चिंतित थी। घटना के समय चंदा के पास दो लाख से अधिक रुपये थे। मौके पर एसओ भूपेंद्र सिंह के पहुंचते ही वह फफक कर रो पड़ी। चंदा रोते हुए कही ‘साहब हमरी लड़की के त जान चल गईल, हमार रुपया बचा लीं’ चंदा के कहने पर एसओ ने अपनी देखरेख में सभी घायलों को निजी चिकित्सालय में ले जाकर इलाज कराया। चंदा को विशेष सुरक्षा के तहत पूरी रात निगरानी कराते रहे। बुधवार की सुबह जब पति वीरेंद्र प्रसाद थाने पहुंचा तो एसओ ने चंदा को रुपये के साथ उसे सौंप दिया।