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आए िदन हादसे फिर भी न संकेतक और न ब्रेकर

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देवरिया-कसया मार्ग पर तरकुलवा के कोन्हवलिया के पास घुमावदार मोड़ पर कोई संकेतक नहीं है। यहां ग्रामीण सड़क भी सीधे हाईवे में मिलती है। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जिले की सड़कों पर आए दिन हो रहे हादसों में राहगीरों की जान जाने के बाद भी जिम्मेदार गंभीर नहीं है। आलम यह है कि चिह्नित 11 ब्लैक स्पॉट पर भी न तो कोई संकेतक लगाया और न ही कोई ब्रेकर या डिवाइडर है। तीखे मोड़ पर ग्रामीण सड़कों को सीधे हाईवे में मिला दिया गया है। नतीजतन यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले एक साल में सिर्फ ब्लैक स्पॉट पर ही 49 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 19 गंभीर रुप से घायल हुए। बावजूद इन स्थानों पर सुरक्षित यात्रा का कोई प्रबंध नहीं किया जा सका है।
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सड़क हादसों के आधार पर यातायात विभाग ने जिले में 11 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। गोरखपुर से सलेमपुर जाने वाली स्टेट हाईवे पर सर्वाधिक ब्लैक स्पॉट हैं। देवरिया-कसया स्टेट हाईवे पर भी दो ब्लैक स्पॉट हैं। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र में नेशनल हाईवे 28 का कुछ हिस्सा पड़ता है। यहां भी एक ब्लैक स्पॉट चिह्नित है। हालांकि वहां होने वाली मार्ग दुर्घटना में घायल लोगों को कुशीनगर के कसया या हाटा पहुंचाया जाता है। पिछले साल यहां मार्ग दुर्घटना में चार मौत हुई हैं। देवरिया से जाने वाली सड़क यहां सीधे नेशनल हाईवे में मिलती हैं। पिछले साल जनवरी से दिसंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि इन्हीं जगहों पर सर्वाधिक हादसे हुए हैं। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हादसा वाली अधिकतर जगहों पर सड़क पर तीव्र मोड़ है और ग्रामीण इलाके वाली सड़क को यहां सीधे मिला भी दिया गया है। मुख्य सड़क में संकेतांक और ब्रेकर नहीं होने से वाहन पूरी स्पीड से दौड़ते हैं और मोड़ पर अचानक नियंत्रण खोते ही दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।

ये हैं चिह्नित ब्लैक स्पॉट
गौरीबाजार थानाक्षेत्र का बैतालपुर, रामपुर, सिरजम, खरोह चौराहा, सदर कोतवाली का अंवराचौरी, पुरवां से लेकर गोरखपुर ओवरब्रिज तक, रघवापुर, खुखुंदू का बहादुरपुर, सलेमपुर का नवलपुर, तरकुलवा का कोन्हवलिया मोड़ और नेशनल हाईवे 28 पर हेतिमपुर का इलाका।
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संकेतक जरूरी, नियम भी हों कठोर
सड़क पर पड़ने वाले मोड़ पर संकेतांक और ब्रेकर लगाने की जिम्मेदारी पीडब्लूडी की है। तीव्र मोड़ के पास मिलने वाली ग्रामीण सड़क में 200 मीटर पहले ब्रेकर लगना चाहिए। मुख्य सड़क में जेब्रा का निशान बनाया जाना है। ड्राइविंग लाइसेंस को बनाने के नियम कठोर किए जाएं। इससे दुर्घटनाएं कम हो जाएंगी। अमेरिका, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में सड़क हादसों का दर काफी कम है, जबकि वहां के वाहनों की स्पीड यहां से बहुत अधिक हैं। सबसे जरूरी है कि हर चालक निर्धारित स्पीड में ही गाड़ी चलाए।
- केएन राय, सेवानिवृत्त जेई सिविल, पीडब्लयूडी

सड़क का कार्य पूरा होने पर लगेगा संकेतक
गोरखपुर-देवरिया मार्ग को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है। इस कारण संकेतक और ब्रेकर नहीं हैं। सड़कों का निर्माण पूरा होने पर हर चिह्नित ब्लैक स्पॉट के पास संकेतांक और ब्रेकर लगवा दिए जाएंगे। खुखुंदू के बहादुरपुर में संकेतक लगवा दिया गया है। हाईवे में मिलने वाली ग्रामीण सड़कों में भी ब्रेकर बनवाया जाएगा।
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- डीके चौधरी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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