देवरिया। सराफ रोशन वर्मा उर्फ बन्नू को गोली मारकर लूटपाट करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यही नहीं, पुलिस ने व्यापारी की लूटी गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है। हालांकि इस मामले में मास्टरमाइंड समेत दो बदमाश फरार हैं जिनकी तलाश हो रही है।
रौनियारी मोहल्ला निवासी रोशन वर्मा उर्फ बन्नू की आर्य समाज गली स्थित दुकान में शुक्रवार की शाम तीन बदमाशों ने घुसकर आभूषण, नकदी और लाइसेंसी पिस्टल लूट ली थी। खुद को घिरता देख बदमाश घबरा गए और उन्होंने रोशन को गोली मार दी। पैदल भाग रहे बदमाशों ने सोने-चांदी से भरा बोरा मालगोदाम के पास छोड़ दिया था। पुलिस ने मौके से लुटेरों की बाइक बरामद कर पड़ताल शुरू की। सुराग मिलने पर पुलिस ने रामगुलाम टोला निवासी अविनाश श्रीवास्तव, अगया गांव निवासी रोडवेज बस कंडक्टर संतोष सिंह उर्फ डब्लू और भीखमपुर रोड निवासी ओमप्रकाश मद्धेशिया को गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल सरगना बगहा मठिया गांव निवासी मृत्युंजय सिंह और पुरवा निवासी चंद्रशेखर की तलाश चल रही है। पुलिस का दावा है कि वारदात को अविनाश श्रीवास्तव, मृत्युंजय सिंह और चंद्रशेखर ने अंजाम दिया है। संतोष सिंह ने साजिश रची थी। लूटी गई पिस्टल और घटना में प्रयुक्त तमंचा ओमप्रकाश के पास से बरामद हुआ। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों को जेल भेज दिया।
पर्दाफाश में शामिल पुलिस टीम
घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम में कोतवाल विजय नारायण, इंस्पेक्टर क्राइम शशांक शेखर राय, दरोगा सर्विलांस सेल संतोष सिंह, उप निरीक्षक घनश्याम सिंह, राहुल सिंह, विमलेश सिंह, मेराज, धनंजय श्रीवास्तव, जयराम सिंह और मनोज यादव शामिल रहे।
दीपक हत्याकांड में भी शामिल था मृत्युंजय
शहर के दीपक वर्मा की 2014 में हत्या कर बदमाशों ने 75 ग्राम सोना और सात लाख नकद लूटे थे। उस वारदात की योजना अमर ने बनाई थी और मृत्युंजय सिंह व अविनाश के जरिए घटना को अंजाम दिया था। इसमें भी संतोष सिंह डब्ल्यू ने अमर को मृत्युंजय से मिलवाया था।
दो राउंड फायरिंग की थी अविनाश ने
मीडिया के सामने आए अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि उसने दो राउंड गोली चलाई थी। रोडवेज कंडक्टर संतोष सिंह ने दुकान की रेकी कर मृत्युंजय को लोकेशन और गहने होने की जानकारी दी थी। मृत्युंजय ने ही अविनाश को असलहा उपलब्ध कराया था।
एसपी ने साहसी रमेश को दिया इनाम
बन्नू की दुकान पर बांकी के फुलवरिया टोला निवासी रमेश यादव रहता है। सोने-चांदी से भरा बोरा लेकर पैदल भाग रहे बदमाशों का पीछा कर रमेश ने मालगोदाम के पास बोरा पीछे से पकड़ लिया। ऐसे में घबड़ाए बदमाश बोरा छोड़कर भाग गए। रमेश को उसके इस साहस के लिए एसपी एन. कोलांचि ने पांच हजार रुपये का इनाम दिया।
व्यापारियों ने जताई खुशी, दी बधाई
व्यापारी रोशन वर्मा गोलीकांड का 72 घंटे के अंदर पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम की व्यापारियों ने प्रशंसा की है। युवा नेता अमित मोदनवाल ने कहा कि पुलिस की तत्परता से बदमाश पकड़े गए। इस घटना के साथ दीपक वर्मा हत्याकांड का भी पर्दाफाश हो गयौ। तब पुलिस ने खुलासे में जल्दबाजी की थी, इसलिए वास्तविक बदमाश नहीं पकड़े जा सके थे। रोशन पर हमले के बाद उन्हीं बदमाशों पर आशंका जताई गई थी। व्यापारी शंखपाल सराफ, नीरज वर्मा, रमेश वर्मा आदि ने भी बदमाशों के पकड़े जाने पर पुलिस टीम को बधाई दी।