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कुल्हाड़ी से वारकर भाभी की हत्या

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भाभी को कुल्हाडी से मौत के घाट उतारने वाला आरोपी मुकेश यादव । - फोटो : अमर उजाला
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भाटपाररानी (देवरिया)। बनकटा थाने के ग्राम छितौनी में सोमवार की रात युवक ने कुल्हाड़ी से वार कर भाभी की हत्या कर दी। बचाव में पहुंची बहन को भी गंभीर चोट आई। घटना के बाद युवक ने खुद को भी जख्मी कर लिया। भाई-बहन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी देवर समेत चार पर दहेज के लिए हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। घरवालों ने हमलावर को मानसिक रूप से कमजोर बताया है। ग्राम छितौनी निवासी राजेंद्र यादव का बेटा सत्यप्रकाश दुबई में रहता है। उसकी पत्नी ज्योति यादव (25) सोमवार की रात ननद गुड़िया के साथ अपने कमरे में सोई थी। आरोप है कि रात में देवर मुकेश कुल्हाड़ी लेकर कमरे में घुस गया और भाभी पर हमला कर लिया। सिर पर कुल्हाड़ी के कई वार से ज्योति की मौके पर ही मौत हो गई। चीख सुनकर उठी गुड़िया ने बीचबचाव की कोशिश की तो मुकेश ने उस पर भी हमला कर दिया। इसके बाद उसने खुद को भी चोट पहुंचाई। चीख-पुकार सुनकर परिजन व आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। दृश्य देख सन्न गए। सूचना पुलिस को देते हुए घायल भाई-बहन को भाटपाररानी पीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सूचना पाकर ज्योति के मायके वाले भी पहुंच गए। ज्योति के पिता जसुई गांव निवासी प्रेमचंद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर पर देवर मुकेश, ननद गुड़िया, ससुर राजेंद्र और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। उधर, आरोपी के पिता राजेंद्र यादव का कहना था कि मुकेश मानसिक रूप से कमजोर है। उसका इलाज गोरखपुर से चल रहा है।
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ज्योति की हत्या से स्तब्ध है पूरा गांव
छितौनी गांव निवासी राजेंद्र यादव के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सत्यप्रकाश यादव दुबई में रहता है। उसकी शादी डेढ़ वर्ष पूर्व भाटपाररानी थाने के ग्राम जसुई निवासी प्रेमचंद यादव की बेटी ज्योति से हुई थी। शादी के कुछ माह बाद वह विदेश चला गया। छोटा बेटा मुकेश यादव दिल्ली में रहता है और प्राइवेट नौकरी करता है। वह कुछ ही दिन पहले दिल्ली से घर आया था। भाभी ज्योति भी 19 अप्रैल को मायके से ससुराल आई। पूरा परिवार शांति से रहता था। कहीं-किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी। सोमवार की रात की घटना से हर कोई स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना था कि मुकेश ने गांव या परिवार में कभी इस तरह की गतिविधि से संबंधित कोई हरकत नहीं किया था। पिता राजेंद्र यादव का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने से उसका गोरखपुर से इलाज चल रहा है। इस घटना से पूरा परिवार व गांव आश्चर्यचकित है।
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