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सिर्फ एक मिनट में ही वारदात को अंजाम देकर भाग गए बदमाश

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मठिया माफी में व्यापारी योगेश जायसवाल को दुस्साहसिक अंदाज में बदमाशों ने गोली मारी। यह वाक्या सीसी टीवी कैमरे में कैद हुई है। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। गौरीबाजार में व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या को बदमाशों ने दुस्साहसिक ढंग से अंजाम दिया। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से साफ है कि बदमाश सिर्फ हत्या की नीयत से ही वहां आए थे। महज एक मिनट में वारदात को अंजाम देकर बेखौफ भाग गए। दुकान में मौजूद योगेश और उनके कर्मचारी को संभलने का भी मौका नहीं मिला। फुटेज में बदमाशों की पहचान और पूरी घटना स्पष्ट होने के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई।
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व्यापारी हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज को कब्जे में ले लिया है। एक मिनट 37 सेकेेंड के एक फुटेज में विवेक और उसके साथी के दुकान पर चढ़कर घटना को अंजाम देने का दृश्य साफ नजर आ रहा है। हत्या का अंदाज बिल्कुल पेशेवर अपराधियों जैसा है। बाइक से उतरते ही बदमाश विवेक दुकान में घुसा। कैश काउंटर के पास बैठे योगेश से रंगदारी नहीं देने और केस दर्ज कराने पर गुस्सा जताते हुए वह अपनी कमर से पिस्टल निकालता है और कनपटी पर तान देता है। योगेश बचाव के लिए हाथ ऊपर करते हैं, तब तक विवेक पहली गोली चला देता है। कुर्सी समेत योगेश जमीन पर गिर पड़ते हैं। तभी दूसरी गोली कमर के पास मारते हुए विवेक भाग जाता है। अचानक हुई वारदात से दुकान में मौजूद कर्मचारी भी सहम गया। इसके बाद तुरंत फोन पर घरवालों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक फुटेज से विवेक और उसके साथी की पहचान स्पष्ट हो गई है। उन्हें सजा दिलाने में यह अहम साक्ष्य है।

कॉल डिटेल भी जुटा रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस फोन से विवेक ने व्यापारी को रंगदारी के लिए धमकाया था, वह घटना के पहले तक ऑन था। उस पर लगातार बातचीत होती रही है। पुलिस उसका कॉल डिटेल निकलवा रही है, जिससे विवेक और उसके शरणदाताओं तक पहुंचा जा सके।
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कहीं बदायूं जेल से तो नहीं रची गई साजिश
देवरिया। व्यापारी हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस छह वर्ष पूर्व हुए अरुण सिंह हत्याकांड की भी फाइल खंगाल रही है। उस मामले का मुख्य आरोपी पथरहट निवासी डब्लू सिंह फिलहाल बदायूं जेल में बंद है। जेल में रहकर ही वह सक्रिय है। विवेक भी लगातार उसके संपर्क में था। सूत्रों की मानें तो इंदूपुर चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में डब्लू के इशारे पर ही विवेक रंगदारी ऐंठता था। ना-नुकूर करने वालों को डब्लू सिंह के नाम की धौंस देकर डराया जाता था। इन हरकतों के चलते ही डब्लू को बदायूं जेल भेज दिया गया था। बताते हैं कि जिस हत्याकांड में डब्लू जेल में है, उसी मामले में पुलिस ने विवेक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। जेल जाने के बाद डब्लू, विवेक जैसे नए उम्र के अन्य लड़कों के जरिए क्षेत्र में दहशत कायम कराने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि व्यापारी हत्याकांड की साजिश भी डब्लू के इशारे पर ही रची गई थी। कॉल डिटेल के माध्यम से पुलिस इसकी पड़ताल में जुटी है।

आईजी गोरखपुर ने योगेश के घरवालों को बंधाया ढांढस
गौरीबाजार। गोरखपुर आईजी जयनारायण सिंह मंगलवार को दोपहर गौरीबाजार पहुंचे। बेकरी व्यापारी योगेश जायसवाल की हत्या के मामले में अब तक हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। बदमाशों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। परिवार के लोगों से भी मुलाकात कर सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कहा। दोपहर में आईजी सबसे पहले थाने पहुंचे। यहां से मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए डीएम अमित किशोर, एसपी किरीट राठोड, एएसपी शिष्यपाल के साथ पाननकुंडा स्थित योगेश के आवास पर पहुंचे। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। आईजी ने बताया कि डीएम की संस्तुति पर प्रदेश के वाणिज्य कर विभाग की ओर से योगेश के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। चुनाव आयोग की संस्तुति लेकर परिजनों को शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ गोरखपुर सहित कई टीमें लगाई गई हैं। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी किरीट राठोड ने व्यवसायी के परिजनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नामजद आरोपियों पर शीघ्र ही इनाम की राशि बढ़ाई जाएगी। इस दौरान सीओ रुद्रपुर अंबिका, प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश मिश्र आदि मौजूद रहे।

पुलिसिया कार्रवाई से जाम लगाने वाले भड़के
गौरीबाजार। बेकरी व्यवसायी योगेश जायसवाल की हत्या के विरोध में रामपुर चौराहे पर चक्का जाम करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई से लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई संवेदनहीनता का परिचायक है।
मठिया माफी चौराहे के बेकरी व्यवसायी योगेश जायसवाल की सरेशाम हत्या के बाद गौरीबाजार के रामपुर चौराहे पर शनिवार की रात चक्का जाम कर रहे लोगों के विरुद्ध पुलिस ने एक नामजद सहित 50 से अधिक अज्ञात के विरुद्ध बलवा, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में गुस्सा है। पूर्व चेयरमैन रवींद्रनाथ जायसवाल ने कहा कि व्यवसायी की हत्या के मामले में शुरू से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। हत्या के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों का मनोबल गिरा है। पुलिस लोगों की सुरक्षा और सहायता करने की बजाय उनका उत्पीड़न में जुटी है। नगर पंचायत अध्यक्ष नीलेश जायसवाल ने बताया कि हत्या से पूर्व व्यवसायी की तहरीर पर बदमाशों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी रही और समझौते का दबाव बनाती रही। अब इस घटना के बाद आम लोगों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई निंदनीय है। मृत व्यवसायी योगेश के बड़े भाई राजेश उर्फ मंटू जायसवाल ने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें गहरा आघात लगा है। पुलिस निरपराध लोगों पर कहर बरपा रही है। योगेश के पिता कन्हैया जायसवाल ने कहा कि पुलिस अपनी कमजोरी छुपाने की कोशिश में आम जनता के उत्पीड़न में जुटी है।
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