देवरिया। रुद्रपुर के उसरा बाजार में एक फ्लोर मिल में अवैध शराब का जखीरा मिलने के मामले को एसपी ने गंभीरता से लिया है। फ्लोर मिल मालिक पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। वहीं, इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी पुलिस जुटी है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी एन.कोलांचि ने कहा कि उसरा बाजार में अवैध शराब के कारोबार की सूचना पर रुद्रपुर कोतवाल अश्वनी राय को कार्रवाई के लिए भेजा था। इसमें 19 लाख रुपये कीमत की शराब, स्कार्पियो, ट्रक और दो लोगों को पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि यह फ्लोर मिल सुभाष चंद्र जायसवाल का है। लिहाजा उसकी भी भूमिका संदिग्ध है। मुकदमे में इनका नाम बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र जायसवाल के बारे में तमाम शिकायतें मिली हैं, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। शराब के कारोबार में उनके साथ कुछ अन्य लोगों का भी नाम आ रहा है। जांच में उनका नाम भी शामिल कर लिया जाएगा। एसपी एन. कोलांचि ने कहा कि किसी भी सूरत में फ्लोर मिल मालिक सुभाष चंद्र जायसवाल को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पकड़े गए सत्यप्रकाश मल्ल और नगीना राजभर मजदूर हैं। अगर इस कारोबार से उनका कोई वास्ता नहीं होगा तो उनका नाम मुकदमे से हटा दिया जाएगा।
सीओ करेंगे जांच, खुद करेंगे मॉनिटरिंग
एसपी एन. कोलांचि ने कहा कि सोमवार को रुद्रपुर इलाके में 19 लाख रुपये कीमत की शराब बरामद की गई। चार महीना पहले इसी इलाके में 52 लाख रुपये की शराब बरामद की गई थी। इन दोनों मामलों की जांच सीओ रुद्रपुर करेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है कि शराब के मामले की जांच सीओ को दी गई है। उन्होंने बताया कि वह खुद इस मामले की मॉनिटरिंग करते रहेंगे।
कोतवाल का लाइन हाजिर होना महज संयोग
एसपी एन. कोलांचि ने कहा कि रुद्रपुर कोतवाल अश्वनी राय को शिकायत के आधार पर लाइन हाजिर किया गया है। इससे पूर्व भी शराब बरामद करने वाले कोतवाल लाइन हाजिर हुए थे। यह महज संयोग है। उन्होंने कहा कि किसी कारोबारी का न पकड़े जाने के मामले में कोतवाल की भूमिका की भी जांच करेंगे।