तवक्कलपुर गांव में तैनात पुलिसकर्मी।
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रामपुर कारखाना। थानाक्षेत्र के तवक्कलपुर गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुए विवाद के मामले में पुलिस ने 61 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। शनिवार को चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मूर्ति विसर्जन को गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर दिया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में गांव में छापेमारी भी की। पुलिसिया कार्रवाई से दहशत में अधिकांश पुरुष सदस्य गांव छोड़कर भाग गए हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में भारी फोर्स तैनात है।
शुक्रवार को लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने के दौरान रास्ते को लेकर तवक्कलपुर व इसी गांव के इमामबाड़ा टोले के लोगों में विवाद हो गया था। विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों से नोक-झोंक करते हुए कृषिमंत्री व प्रदेश सरकार का पुतला जलाया और नारेबाजी भी की। पटनवापुल स्थित छोटी गंडक नदी में मूर्ति विसर्जित होने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। विसर्जन के लिए मूर्ति लाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने सीज कर दिया। वहीं तवक्कलपुर निवासी कमलेश शर्मा, विकास शर्मा, विशाल शर्मा और धर्मवीर गोंड़ को हिरासत में ले लिया। देर रात पुलिस ने इंस्पेक्टर अजय ओझा की तहरीर पर गांव के रवि यादव, रोहित यादव, अखिलेश यादव, सागर मोदनवाल, अश्वनी यादव, राम शबद यादव, अमित यादव, हेमंत, मुकेश यादव, बृजेश यादव, दुर्गेश यादव, अमित जायसवाल सहित 61 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर मारपीट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने रात में ही गांव में छापामारी भी की। इसके भय से गांव के अधिकांश पुरुष सदस्य घर छोड़कर भाग गए हैं। शनिवार को पूरे दिन गांव में पुलिस और पीएसी डटी रही। हर तरफ सन्नाटा छाया हुआ था। इस संबंध में इंस्पेक्टर अजय ओझा ने बताया कि दोनों गांव में मामला शांत है। ऐहतियातन गांव में पुलिस बल को तैनात किया गया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।