जिला अस्पताल के इमरजेंसी पर हंगामा के बाद लगी भीड।
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देवरिया। हादसे में घायल युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर उपद्रव किया। उग्र लोगों ने डॉक्टर और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। लोगों का तेवर देख होमगार्ड बैकफुट पर आ गए। किसी ने बीचबचाव की जहमत नहीं उठाई। इसकी वजह से पांच घंटे तक इमरजेंसी सेवा ठप रही। पुलिस के पहुंचने के बाद शाम चार बजे से इमरजेंसी में कामकाज शुरू हुआ।
मदनपुर थानाक्षेत्र के सोनबह गांव निवासी रामाज्ञा यादव के इकलौता बेटे राजू यादव (25) गुरुवार की सुबह किसी काम से देवरिया बाइक से आ रहा था। सरौरा गांव के पास डंपर की चपेट में आने से जख्मी हो गया। हेलमेट नहीं होने से सिर में गंभीर चोट आईं। सुबह आठ बजे उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। करीब 11 बजे घरवाले शव लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. एचएन सिंह ने जांच के बाद राजू को मृत घोषित कर दिया। यह सुनकर महिलाएं और युवक उग्र हो गए और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दौड़ा लिए। उनका कहना था कि पहली बार में ही रेफर करने की बजाए उपचार किया गया होता तो राजू की जान बच जाती। पीछे के रास्ते डॉक्टर और फार्मासिस्ट आरके तिवारी भाग निकले। नाराज लोगों ने कर्मचारियों को भला-बुरा कहा। बीचबचाव की कोशिश करने पहुंचे होमगार्डों को भी लोगों ने खरी-खोटी सुनाई। सूचना पर पहुंची पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया। शाम चार बजे दो दरोगा और सिपाहियों की मौजूदगी में इमरजेंसी सेवा शुरू हुई। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि बेवजह लोगों ने बवाल किया था। डर की वजह से डॉक्टर और कर्मचारी चले गए थे। पुलिस आने के बाद इमरजेंसी सेवा शुरू की गई।