देवरिया। सगे भतीजे की हत्या के मामले में कोर्ट ने चाचा सहित दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव देवरिया मीर का है। अभियोजन के अनुसार 26 दिसंबर 2008 को देवरिया मीर गांव निवासी परमहंस सिंह का परिवार पट्टीदारी में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया था। कार्यक्रम समाप्ति के बाद अन्य परिजन घर लौट आए, जबकि परमहंस का इकलौता बेटा राहुल सिंह (12) वहीं रुक गया। सुबह पास के ही अहिल्यापुर रेलवे स्टेशन के पास गड्ढे में राहुल की लाश मिली। पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि होने पर पिता ने थाने में तहरीर दी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सगे चाचा हरिवंश सिंह व गांव के अर्जुन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने हरिवंश सिंह और अर्जुन सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 23-23 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की आधी रकम पीड़ित के विधिक उत्तराधिकारी को दी जाएगी।