देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी संस्था की गायब कर्मचारियों की तलाश में जुट गई है। मंगलवार को जांच टीम के सदस्य फरार कर्मचारियों को खोजते हुए सिंधी मिल कॉलोनी पहुंचे। इन कर्मचारियों के मिलने के बाद बालिका गृह कांड से जुड़े कुछ और राज बाहर आ सकते हैं।
गिरिजा त्रिपाठी की संस्था मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान में कुल 22 कर्मी थे। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। पांच अगस्त की रात देवरिया कांड का पर्दाफाश होने के बाद इसमें से अधिकांश अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गईं। एसआईटी टीम ने मंगलवार को सिंधी मिल कॉलोनी और रौनियारी मोहल्ला में जाकर इन कर्मचारियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की। इससे पूर्व सोमवार को पांच कर्मचारियों से पूछताछ में टीम के सदस्यों को कुछ साक्ष्य मिले थे। टीम के सदस्यों ने इन कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की थी। कर्मचारियों ने कुछ राज उगले थे।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जांच टीम के सदस्यों ने सोमवार शाम बालिका गृह का सील तोड़कर एक अलमारी से कुछ पत्रावली कब्जे में लिया था। मामले में और जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी अन्य कर्मचारियों की तलाश में जुटी है। संस्था में कुछ कर्मचारी 24 घंटे वहां रहकर कार्य करती थीं। इसलिए वे संस्था में आने-जाने वालों के बारे में जानकारी दे सकती हैं, लेकिन बालिका गृह पर छापेमारी के बाद से ये मोबाइल बंद कर गायब चल रही हैं।