हियुवा और बसपा नेता समेत 28 पर मुकदमा
पिपरा चौराहे पर पुलिस के सामने रात को हुई थी मारपीट
10 लोगों का फटा था सिर, कार्रवाई के बाद सहमे आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
लार। बसपा नेता और हियुवा नेता के बेटे के बीच हुई मारपीट के मामले में दोनों पक्ष के 28 लोगों पर पुलिस ने शनिवार को केस दर्ज कर लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी सहमे हुए हैं। मुकदमा दर्ज होने में देरी की वजह राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है।
बौली वार्ड में गुरुवार की रात एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लौट रहे हियुवा के जिला महामंत्री अरुण सिंह के बेटे और बसपा नेता रमाकांत भारती के बेटे के बीच पिपरा चौराहे पर मारपीट हो गई। मामला इतना बढ़ा कि बच्चों के विवाद में बड़े भी आमने-सामने हो गए। पुलिस पर कार्रवाई को लेकर दोनों तरफ से राजनीतिक दबाव पड़ने लगा। श्याम बहादुर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने एक पक्ष से पिपरा चौराहा निवासी बसपा नेता रमाकांत भारती, विजयी, केशव, हरिप्रसाद, सुर्केश, राजू, अनिल, पिंटू, सूरज, राजकुमार, केशव, रमाशंकर, राजकुमार, संतोष, कुलदीप, लल्लन, रामप्रवेश, बंटी पर बलवा, घर मेें घुसकर मारपीट का केस दर्ज हुआ है। दूसरे पक्ष से बसपा नेता की पत्नी दुर्गावती देवी की तहरीर पर रिपुदमन सिंह, हियुवा नेता अरुण सिंह, धीरज सिंह, राकेश सिंह, राहुल सिंह, रोशन सिंह, कतवारू, मिंटू सिंह, साहुल सिंह, संतोष सिंह पर मारपीट, बलवा और हरिजन उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ है। दोनों तरफ से केस दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पुलिस पर सत्ता पक्ष के कुछ नेता पक्षपात करने का भी आरोप लगा रहे हैं। इस बाबत कोतवाल विजय सिंह गौर ने बताया कि दोनों पक्ष से केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस के टारगेट पर थे हियुवा नेता
पुलिस के टारगेट पर हियुवा नेता पहले से थे। गोवंशीय पशुओं की तस्करी का विरोध करने को तस्कर और सफेदपोश खार खाए थे। इस मामले में हियुवा नेता पर कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष के कुछ लोग भी लगातार पुलिस पर दबाव डाल रहे थे। इसकी चर्चा भी लोगों में जोरों पर है।