एक ही चिता पर हुई दंपती की अंत्येष्टि
भाटपाररानी। बनकटा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की देर रात ट्रेन से कटकर जान देने वाले दंपती का शुक्रवार की देर रात अंतिम संस्कार हुआ। पोस्टमार्टम के बाद रात आठ बजे शव घर पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। एक साथ बेटा-बहू की चिताएं देख माता-पिता के आंसू थम नहीं रहे थे तो परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बिहार के जगदीशपुर कोठी के पास झरही नदी के तट पर दोनों शवों का दाह संस्कार हुआ। अखिलेश के चचेरे भाई सुधीर ने शव को मुखाग्नि दी। खामपार थाने के छपिया बघेल निवासी अखिलेश कुशवाहा और पत्नी लक्ष्मी देवी ने गुरुवार की रात बनकटा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। भटनी जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। अखिलेश की मां चंद्रावती देवी, पिता रामकृपाल के साथ पांचों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मासूम बच्चे माता-पिता के शव से लिपट कर बिलख रहे थे। दरवाजे पर थोड़ी देर शव को रखने के बाद उसे बिहार के जगदीशपुर कोठी के पास झरही नदी के किनारे ले जाकर एक ही चिता पर दोनों के शव को रखकर दाह संस्कार किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य सत्यदेव यादव, ग्राम प्रधान नागेंद्र पासवान, हरिओम कुशवाहा, हीरानाथ रामसागर और रामदेव आदि मौजूद रहे।