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पैकौली में मिली कच्ची शराब की फैक्ट्री

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पैकौली गांव में कच्ची शराब के छापामारी के लिए पहुची भलुअनी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बाराबंकी में जहरीली शराब से मौतों के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। गुरुवार को एसडीएम के नेतृत्व में आबकारी व पुलिस की संयुक्त टीम ने पैकौली गांव में छापामारी की। एक मकान से 100 लीटर कच्ची शराब और भारी मात्रा शराब बनाने का सामान बरामद हुआ। सामने से ही धंधेबाज निकल गए और टीम देखती रह गई। इस मामले में दो धंधेबाजों के खिलाफ भलुअनी थाने में केस दर्ज कराया गया है। दोपहर में एसडीएम दिनेश मिश्र और सीओ सिटी वरुण मिश्र, बरहज सीओ निष्ठा उपाध्याय के नेतृत्व में आबकारी टीम भलुअनी थानाक्षेत्र के पैकौली गांव में पहुंची। पुलिस-प्रशासन को देख गांव में हड़कंप मच गया। एक मकान से 100 लीटर कच्ची शराब, 10 क्विंटल गुड़, पांच क्विंटल महुआ, 30 किलो यूरिया बरामद किया गया। शराब तैयार करने में इनका प्रयोग किया जाता है। करीब पांच हजार लीटर लहन नष्ट किया गया। आबकारी इंस्पेक्टर विनय तिवारी की तहरीर पर भलुअनी पुलिस ने जवाहर जायसवाल, कोमल जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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खाकी की सरपरस्ती में बनती है शराब
जिले में कच्ची शराब का धंधा खाकी की सरपरस्ती में ही चल रहा है। बरहज, लार, मईल, खामपार और बनकटा थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनता है। पिंडी, चुरिया दियारा और बरहज में तो कच्ची शराब की मिनी फैक्ट्री है। इन ठिकानों पर जब भी योजना बनाकर पुलिस पहुंचती है तो सूचनाएं लीक हो जाती हैं और धंधेबाज भाग जाते हैं। बरहज के सभासद मिहिर तिवारी ने कच्ची शराब का विरोध किया तो धंधेबाजों ने मौत के घाट उतार दिया था।

भोर में होती थी 20 गांवों में शराब सप्लाई
पैकौली गांव में कच्ची शराब बनाकर जिले के 20 गांवों में शराब की सप्लाई भेजी जाती थी। कई वर्षों से जिम्मेदारों के संरक्षण में यह धंधा चल रहा था। सूत्रों की मानें तो देसी शराब के दुकानदार भी इनके संपर्क में है, जो अवैध तरीके से शराब शीशी में भरवाकर दुकानों पर महंगे रेट पर बेचते हैं। पुलिस इन धंधेबाजों का मोबाइल ट्रेस करा दें तो कई वर्दीधारियों का चेहरा बेनकाब हो जाएगा।
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दरोगा बोला, कहा जाएगा पकड़ में आएगा ही
जवाहर जायसवाल और कोमल जायसवाल के घर से शराब बनाने का सामान पुलिस कब्जे में ले रही थी। पास में मनोज जायसवाल खड़ा था, इसके घर से भी शराब बरामद हुआ था। लोगों ने वहां मौजूद दरोगा से कहा कि और लोग तो भाग गए, मनोज तो सामने खड़ा है। इस पर दरोगा हंसते हुए बोले कि कहां जाएगा, पकड़ में आएगा ही... यह सुनकर लोग अवाक रह गए।

यूरिया मिलाकर बनती थी शराब
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान से यूरिया भी बरामद की। कच्ची शराब बनाने वाले अन्य सामानों के साथ रखी गई यूरिया का इस्तेमाल भी शराब बनाने में होता था। हानिकारक केमिकल वाले यूरिया के इस्तेमाल से बनने वाली शराब ही जहरीली होकर मौत का तांडव मचाती है।
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