हाईटेंशन तार टूटने से वृद्धा की मौत, तीन बकरियां जलीं
ग्रामीणों ने लगाया जाम, खामपार थाना क्षेत्र के चकिया कोठी गांव का मामला
एसडीएम के मुआवजा, कार्रवाई के आश्वासन पर तीन घंटे बाद खत्म हुआ जाम
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी। ढीले-जर्जर विद्युत तार से रविवार को फिर एक वृद्धा की जान चली गई। खामपार थाना क्षेत्र के चकिया कोठी गांव में टूटे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बकरी चरा रही वृद्धा की झुलसकर मौत हो गई। उसकी तीन बकरियों ने भी दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चकिया कोठी चौराहे के पास सड़क जाम कर दिया। करीब तीन घंटे बाद एसडीएम के मुआवजा व कार्रवाई के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
ग्राम भोपतपुरा निवासी सलीमा खातून (90) गांव की कई महिलाओं के साथ न्यू पीएचसी चकिया कोठी के समीप स्थित एक खेत में बकरियां चरा रही थीं। खेत के ऊपर से गुजरा हाईटेंशन तार तेज हवा के झोंको से अचानक टूट गया। इसकी चपेट में आने से सलीमा और उसकी तीन बकरियां जलने लगीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अन्य महिलाओं ने भागकर जान बचाई। ग्रामीणों ने सूचना पुलिस व विद्युत निगम के अफसरों को दी, मगर दो घंटे बाद भी किसी के न पहुंचने पर लोग उग्र हो गए। प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र मिश्र के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चकिया कोठी चौराहा पर भवानी छापर-भिंगारी मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि वृद्धा के मरने की सूचना देने के बाद विद्युत कर्मियों ने आपूर्ति तो बंद कर दी, मगर आधे घंटे बाद ही फिर से चालू कर दी। इससे लोग सहम गए। जाम की सूचना पाकर क्षेत्रीय विधायक आशुतोष उपाध्याय, एसडीएम रामविलास राम, भाजपा के अश्विनी सिंह, थानाध्यक्ष खामपार भीष्मपाल सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। एसडीएम ने मृतका के परिजनों को अहेतुक सहायता के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। ग्रामीणों ने सीएम को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए जाम समाप्त किया। धरनास्थल पर जिला पंचायत सदस्य सत्यदेव यादव, रामविलास कुशवाहा, नीरज मिश्र, अंकित मिश्र, अंशु सिंह, संतोष मिश्र, नन्हे मिश्र, पुष्पेंद्र मिश्र, बृजबिहारी मिश्र, ओमप्रकाश द्विवेदी, सोबराती, सैयद अंसारी, रामसकल सिंह, इस्लाम अंसारी, फरीदन, सफीउल्लाह, रामकुंवर, लक्ष्मण साह, सोनेलाल यादव, गौतम राय, उपेंद्र साह, मिथिलेश, सुनील, कृष्णा, हेमंत नासिर, मुन्ना गुप्ता, मकसूद अहमद भोपतपुरी आदि मौजूद रहे।
ये रही प्रमुख मांगें
सड़क जाम कर धरने पर बैठे ग्रामीण मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने, जर्जर तार बदलने, दोषी विद्युत कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने, चार वर्ष पूर्व मृत बैलों के मालिक को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए।
पहले भी हुए हैं हादसे
ग्रामीणों का कहना था कि जर्जर विद्युत तार आएदिन टूटकर गिर रहा है, लेकिन उसे बदला नहीं जा रहा। चार वर्ष पूर्व उसी स्थान पर राजपुर निवासी दसई प्रसाद का एक जोड़ी बैल भी विद्युत तार टूटकर गिरने के कारण मर गए थे। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया।