भागलपुर। पीएचसी पर मरीज के साथ पहुंचे तीमारदारों ने गुरुवार की रात प्रभारी चिकित्सक डॉ. रंजीत कुशवाहा के साथ मारपीट किया। दवा और अस्पताल में रखे उपकरण फेंक दिए। नाराज डॉक्टरों ने कर्मचारियों संग शुक्रवार को धरना दिया। इसके चलते साढ़े तीन घंटे तक अस्पताल में मरीज परेशान रहे। सीएमओ के आश्वासन के बाद व्यवस्था बहाल हुई। पुलिस ने इस मामले में एक नामजद और 12 अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
सहियागढ़ गांव निवासी अभिषेक यादव के तीन वर्षीय बेटे रिशू की तबीयत गुरुवार रात को अचानक बिगड़ गई। घर वाले बच्चे को लेकर पीएचसी पहुंचे। उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉ.अभिजीत ने बच्चे का उपचार किया। इलाज से घर वाले संतुष्ट नहीं हुए और प्रभारी चिकित्सक डॉ. रंजीत कुशवाहा की तलाश करने लगे। उनके आवास पर पहुंचे तीमारदार बच्चे का इलाज करने के लिए दबाव बनाने लगे। डॉक्टर ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो लोग उग्र हो गए। आरोप है कि आरोपियों ने डॉक्टर की पिटाई की और मोबाइल छीन लिया। इस घटना से क्षुब्ध डॉक्टर और कर्मचारी भागलपुर परिसर में ओपीडी ठप कर धरने पर बैठ गए। करीब 10 बजे पहुंचे सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, लार के चिकित्साधीक्षक डॉ.बीवी सिंह, कर्मचारी नेता अशोक पांडेय ने घटना की निंदा की। सीएमओ के कहने पर 11.30 बजे धरना खत्म कर डॉक्टरों ने ओपीडी शुरू की। इसकी वजह से साढ़े तीन घंटे तक मरीजों को परेशान होना पड़ा। पुलिस ने डॉ.रंजीत कुशवाहा की तहरीर पर भागलपुर निवासी गजेंद्र यादव समेत 12 अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, लूट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। एसओ रवींद्र कुमार रवि ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।