फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीआईजी, एसपी, सीओ हटाए गए, कोतवाल, चौकी इंचार्ज सस्पेंड

विज्ञापन
दूसरी बार देवरिया डांक बंगला पहुंचे एसआईटी टीम के प्रभारी संजय सिंघल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
देवरिया। बालगृह बालिका कांड में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संस्था की मान्यता स्थगित होने के बाद भी निराश्रित लड़कियों को बालिका गृह में रखने पर बस्ती डीआईजी (तत्कालीन एसपी), वर्तमान एसपी को हटाकर डीजीपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। सीओ सदर को भी लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए स्थानांतरित कर दिया गया है। तीनों अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की गई है।
विज्ञापन

इसके अलावा सदर कोतवाल व रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन थाना प्रभारियों की भी जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने 19 सितंबर को डीएम के पत्र के बावजूद लड़कियों को बालिका गृह में शरण दिलाई थी। एडीजी गोरखपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पांच अगस्त को बालिकागृह कांड उजागर होने के बाद मामले में पुलिस की भूमिका और शिथिलता की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के एडीजी दावा शेरपा को निर्देश दिए थे। विभिन्न बिंदुओं पर जांच के बाद एडीजी ने 11 अगस्त को अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपी। जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद डीजीपी ने 14 अगस्त को शासन को आख्या प्रस्तुत की। इसके अवलोकन के बाद शासन ने बुधवार की देर शाम जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की। आदेश के तहत एसपी रोहन पी. कनय को तत्काल स्थानांतरित करते हुए डीजीपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। 24 सितंबर से 24 मार्च तक जिले में बतौर एसपी तैनात रहे राकेश शंकर को भी लापरवाही का जिम्मेदार मानते डीजीपी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। राकेश शंकर वर्तमान में बस्ती डीआईजी के रूप में तैनात थे।
सीओ सदर दयाराम सिंह गौर को भी लापरवाही के चलते हटा दिया गया है। इसके अलावा 31 जुलाई को डीपीओ की ओर से सदर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं करने पर संबंधित मुकदमे के विवेचक रेलवे स्टेशन चौकी प्रभारी जटाशंकर सिंह, सदर कोतवाल विजय सिंह गौर को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी जाएगी। शासन ने डीजीपी को यह भी निर्देश दिए हैं कि 19 सितंबर, 2017 को डीएम की ओर से पत्र लिखकर संस्था की मान्यता स्थगित होने की जानकारी देने के बाद भी जिन थानों के स्तर से बरामद लड़कियों-महिलाओं को संरक्षण गृह में रखा गया हैं, उनके थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन


एन. कोलांची होंगे नए एसपी
रोहन पी. कनय को हटाने के बाद शासन ने एन. कोलांची को जिले का नया एसपी नियुक्त किया है। वर्तमान में महोबा में तैनात एन. कोलांची वर्ष 2008 बैच के आईपीएस हैं। वह सिद्धार्थनगर, रायबरेली में भी एसपी रह चुके हैं। तेजतर्रार व ईमानदार छवि वाले एन. कोलांची के शुक्रवार तक जिले में कार्यभार ग्रहण करने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें