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पूर्व चेयरमैन और ईओ से होगी 60 लाख की रिकवरी

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बरहज। नगरपालिका परिषद गौरा-बरहज में पूर्व में हुए विकास कार्यों में मिली खामियों पर डीएम अमित किशोर ने शासन को वित्तीय अनियमितता के रिकवरी कराने का पत्र भेजा है। इसमें पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल और सेवानिवृत्त अधिशासी अधिकारी राधेश्याम कुशवाहा और पंप ऑपरेटर विंध्याचल प्रसाद से समानुपातिक तौर से करीब 60 लाख रुपये की रिकवरी किया जाना है। डीएम ने जनवरी 2019 में दोनों से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का नोटिस भेजा है।
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2017 में पालिका गौरा-बरहज की ओर से नगर में विकास कार्य कराया गया था। जिस पर भाजपा नेता अमरेंद्र गुप्त ने 32 बिंदुओं पर कराए गए कार्यों में अनियमितता, लूटखसोट का आरोप लगाया था। हालांकि इन्हीं बिंदुओं पर कुछ अन्य लोगों ने भी शिकायत की थी। गठित टीम ने शिकायत की जांच की थी। मिली शिकायत में पांच बिंदुओं पर दोषी पाए जाने पर पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल का पॉवर सीज कर दिया गया था। जबकि शेष बिंदुओं पर जांच चल रही है। 2014 में विश्वनाथ त्रिपाठी के स्कूल के सामने इंटरलॉकिंग सड़क कार्य 1652000 रुपये की स्वीकृति के बावजूद दूसरे जगह कार्य कराने, रुद्रपुर रोड स्थित डॉ. अजय सिंह के मकान से सदल प्रजापति के मकान के रास्ते पोखरे तक नाला निर्माण कार्य में नगर पालिका की ओर से निर्मित नाला ध्वस्त कराने में 388310 रुपये के हुए अपव्यय, पुलिस चौकी के सामने मूत्रालय निर्माण में 148675 रुपये का भुगतान कराने, जलापूर्ति से संबंधित कराए गए कार्यों में सत्यापित न कराकर 3420610 रुपये का भुगतान कराने और नगर के 315000 रुपये से मुख्य चौराहे से बिंदेश्वरी गली के पूर्वी पटरी का सुंदरीकरण और लोहे के खंभे और जंजीर लगवाया गया था। मामलों में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने विशेष सचिव शासन को धन की रिकवरी कराने की संस्तुति की है। साथ ही दोषियों को पक्ष प्रस्तुत करने का नोटिस भेजा है। पूर्व चेयरमैन अजीत जायसवाल ने बताया कि नोटिस मिला था, हमने अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
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