देवरिया। बालगृह कांड की आरोपी गिरिजा त्रिपाठी के शिक्षक पुत्र को एसटीएफ और एसआईटी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। वह रविवार की रात कहीं भागने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे बस स्टेशन से पकड़ लिया। सोमवार को न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया।
पांच अगस्त को तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने स्टेशन रोड स्थित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सेवा संस्थान की ओर से संचालित बाल गृह बालिका में छापा मारा था। वहां 23 लड़कियां मिलीं थीं। इस मामले में संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी, बेटी और संस्थान की अधीक्षिका कंचनलता त्रिपाठी के साथ ही कई कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। गिरिजा के शिक्षक पुत्र प्रदीप त्रिपाठी को पुलिस ने कुछ दिन हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया था। बाद में एसआईटी की विवेचना में उसका भी नाम मुकदमे में आ गया। इसके बाद से ही वह फरार था। रविवार रात को एसटीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और एसआईटी के विवेचक बृजेश सिंह ने प्रदीप त्रिपाठी को बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह कहीं भागने की फिराक में था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ लिया गया। सोमवार को न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया है।