देवरिया। सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के डुमवलिया गांव में बुधवार को मां ने बंद कमरे में दो मासूम बच्चों के साथ आग लगाकर जान दे दी। घटना की वजह घरेलू कलह माना जा रहा है।
गांव के नन्हे प्रसाद की पत्नी सुनीता देवी (33) ने बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे 14 माह के बेटे आदर्श और तीन वर्षीय शुभम के साथ बंद कमरे में केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। कमरे से धुआं व आग की लपटें निकलती देख घर पर मौजूद बुजुर्ग ससुर ने शोर मचाया तो गांववालों की भीड़ जुट गई। उन्होंने दरवाजा तोड़कर आग बुझाई और आनन-फानन में मां-बेटों को एंबुलेंस से सलेमपुुर सीएचसी ले गए। जहां हालत नाजुक देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में आदर्श ने दम तोड़ दिया, जबकि जिला अस्पताल पहुंचने पर सुनीता और शुभम की मौत हो गई। घटना के समय सुनीता का पति नन्हे मायके आई बहन को इलाज कराने के लिए सलेमपुर ले गया था। सूचना पाकर पहुंचे सीओ शितांशु यादव और कोतवाल श्याम बिहारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में विवाहिता ने आग लगाई, वहां से केरोसिन की दुर्गंध आ रही थी। मायके वालों को घटना की जानकारी दे दी गई है। घटना की वजह प्रथम दृष्टया घरेलू कलह ही प्रतीत हो रही है। पति अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। मायके वालों की तहरीर का इंतजार है।